न बादशाह, न रफ्तार, ये हैं इंडिया के सबसे अमीर रैपर? 208 करोड़ रुपये है नेट वर्थ!

नई दिल्ली: भारत में रैपिंग अपनी नई ऊंचाइयों पर है. कई टैलेंटेड रैपर अपना जलवा दिखा रहे हैं. इंडियन म्यूजिक में उनका दखल बीते कुछ सालों में बढ़ा है. आलिया भट्ट और रणवीर सिंह की फिल्म ‘गली ब्वॉय’ रैपिंग पर आधारित थी, जिसके रैप सॉन्ग ‘अपना टाइम आएगा’ और ‘मेरी गली में’ काफी मशहूर हुए. पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में यो यो हनी सिंह, बादशाह और दिवंगत सिंगर सिद्धू मूसेवाला काफी मशहूर रहे हैं.



 

 

 

यो यो हनी सिंह, जिन्हें पॉप म्यूजिक को हिप हॉप के साथ जोड़ने का क्रेडिट दिया जाता है, उन्हें इंडियन रैप म्यूजिक में क्रांति लाने का भी श्रेय मिला. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यो यो हनी सिंह के पास दौलत-शोहरत दोनों भरपूर है. उनकी नेट वर्थ करीब 25 मिलियन डॉलर है, जो भारतीय रुपयों में लगभग 108 करोड़ रुपये है.

 

 

 

हनी सिंह पंजाब के होशियारपुर से ताल्लुक रखते हैं. उनका जन्म 15 मार्च 1983 को एक पंजाबी फैमिली में हुआ था. वे ‘ब्राउन रंग’, ‘ब्लू आइज’, ‘लव डोज’, ‘देसी कलाकार’ जैसे रैप गानों की वजह से मशहूर हुए.

 

 

 

हनी सिंह को कम वक्त में लोकप्रियता मिल गई थी. उन्होंने पंजाबी गाने गाकर अपने करियर की शुरुआत की थी. यो यो हनी सिंह का असली नाम हृदेश सिंह है. उन्होंने यूके ट्रिनिटी स्कूल से संगीत की शिक्षा ली थी. सिंगर उसके बाद परिवार के साथ दिल्ली आकर रहने लगे और 2011 में अपना पहला एल्बम ‘इंटरनेशनल विलेजर’ रिलीज किया.

 

 

 

हनी सिंह ने गाने ‘शकल पे मत जा’ से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया. उनके एल्बम ‘इंटरनेशनल विलेजर’ का गाना ‘अंग्रेजी बीट’ दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘कॉकटेल’ में लिया गया था. उन्होंने बाद में शाहरुख खान की फिल्म ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ और ‘बॉस’ के लिए गाने कंपोज किए. उन्होंने ‘मेरे डैड की मारुति’, ‘बजाते रहो’ और ‘फगली’ जैसी कम बजट वाली फिल्मों के लिए भी गाने क्रिएट किए.

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