40 के बाद रात के समय पैरों में महसूस हो सकते हैं Vitamin B12 Deficiency के ऐसे लक्षण

नई दिल्ली: Vitamin B12 Deficiency Signs: विटामिन-बी12 कई तरह के फूड्स में भरपूर मात्रा में पाया जाता है, लेकिन फिर भी इसकी कमी आमतौर पर देखी जाती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो विटामिन-बी12 एक जरूरी पोषक तत्व है, जिसकी जरूरत हमारे शरीर को डीएनए सिंथेसिस, एनर्जी प्रोडक्शन और सेंट्रल नर्वस सिस्टम के काम को बनाए रखने के लिए पड़ती है। उम्र बढ़ने के साथ विटामिन-बी12 को अवशोषित करने की हमारे शरीर की क्षमता कमजोर होने लगती है। यही वजह है कि खासतौर पर 40 की उम्र के बाद कई तरह की कमीयों के लक्षण पैरों में दिखने लगते हैं।

 



 

 

 

 

अगर आपकी उम्र 40 से ज्यादा है और बी12 की कमी भी है, तो आप पैरों में झुनझुनाहट महसूस करते होंगे, खासतौर पर सोते समय।

 

पैरो और हाथों में झुनझुनी महसूस होना

 

विटामिन-बी12 की कमी से हाथों और पैरों में सुई चुभने जैसा महसूस होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि विटामिन्स तंत्रिका तंत्र में जरूरी भूमिका निभाते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसकी कमी के कारण लोगों को तंत्रिकाओं से जुड़ी दिक्कतें होने लगती हैं या फिर तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंचता है।

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सही तरीके से न चल पाना

 

अगर आपको चलने या फिर संतुनल बनाए रखने में दिक्कत हो रही है, तो यह भी विटामिन-बी12 की कमी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसा विटामि की कमी के कारण इसलिए होता है क्योंकि यह आपकी तंत्रिकाओं को प्रभावित करता है, जो आपकी मांसपेशियों की मूवमेंट बनाए रखने का काम करती हैं।

 

 

 

सूजन और इंफ्लामेशन

 

पैरों में अगर सूजन या फिर इंफ्लामेशन का अनुभव कर रहे हैं, तो यह भी विटामिन-बी12 की कमी के संकेत हो सकते हैं।

 

 

 

जोड़ों का कमजोर होना

 

विटामिन-बी12 की कमी के कारण जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है, जो परेशान करने वाला होता है। इससे अकड़न और सूजन हो जाती है और चलना फिरना भी कम हो जाता है। विटामिन-बी12 अर्थराइटिस का इलाज नहीं है, लेकिन यह जोड़ों की सेहत में अहम भूमिका निभाता है और इसके कुछ लक्षणों से आराम देने का काम कर सकता है।

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पैरों की मांसपेशियों का कमजोर होना

 

विटामिन-बी12 की कमी के संकेत कमजोरी और थकावट के आसपास होते हैं, खासतौर पर पैरों में। जिससे आपकी जिंदगी पूरी तरह से प्रभावित हो जाती है।

 

 

 

 

 

त्वचा का रंग बदलना

 

विटामिन-बी12 की कमी की वजह से स्किन का रंग फीका या पीला पढ़ने लगता है। ऐसा खासतौर पर पैरों में देखा जा सकता है। स्किन पर इस तरह के बदलाव तब आते हैं, जब व्यक्ति का शरीर पर्याप्त रेड ब्लड सेल्स नहीं बना पाता। आपको बता दें कि विटामिन-बी12 रेड ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन में अहम भूमिका निभाता है। पर्याप्त रेड ब्लड सेल्स न बनने पर मेगालोब्लास्टिक अनीमिया का खतरा बढ़ जाता है, जिससे जॉनडिस भी हो सकता है।

 

विटामिन-बी12 की कमी को कैसे दूर करें?

 

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि विटामिन-बी12 की कमी आप खाने की मदद से पूरी कर सकते हैं।

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अगर आपका खाना पर्याप्त विटामिन-बी12 नहीं दे पा रहा है, तो आपको सप्लीमेंट्स लेने की जरूरत पड़ सकती है।

 

बी12 सप्लीमेंट्स के लिए टैब्लेट्स ले सकते हैं,

 

सबलिंगुअल दवा जो जीभ के नीचे रखने पर घुल जाती है या फिर इंजेक्शन भी उपलब्ध होते है।

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