मां, सीने में दर्द हो रहा है… साइकिल चलाकर घर पहुंचा 7 साल का बच्चा, हार्ट अटैक से मौत!

मध्य प्रदेश के ओरछा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां हार्ट अटैक से एक 7 वर्षीय बालक की मौत हो गई है। निवाड़ी जिले के पर्यटक एवं धार्मिक स्थल ओरछा की रहने वाली वर्षा दुबे का 7 वर्षीय बेटा राघव उर्फ हनी दुबे जब साइकिल चलाकर घर पहुंचा तो उसके सीने में अचानक दर्द हुआ। उस समय उसकी मां बाथरूम में थी।



तुरंत ले गए अस्पताल

बच्चे की आवाज सुन मां ने बच्चे से पानी पीकर लेटने को कहा। बच्चे ने पानी पिया लेकिन उसके सीने का दर्द रुकने का नाम नहीं ले रहा था। इसके बाद मां ने तुरंत आस पास लोगों को बुलाकर अस्पताल चलने को कहा। ओरछा के सरकारी अस्पताल पहुंचकर जब डॉक्टर को दिखाया तो डॉक्टर ने झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाने को कहा। झांसी मेडिकल पहुंचने से पहले उसे ओरछा के तिगैला पर एक प्राइवेट अस्पताल में भी दिखाया गया। पड़ोस के रहने वाले भगत परिहार कहते हैं कि उन्होंने काफी प्रयास किया लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका। उसकी सांसें रुक गईं।

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अस्पताल जाते हुए रास्ते में चली गई जान

परिजनों का कहना है कि रास्ते में उसके सीने में दर्द बढ़ता चला गया। वह जोर-जोर से चिल्ला रहा था कि मां सीने में दर्द हो रहा है। उसे एक उल्टी आई और इसके बाद उसके प्राण पखेरू उड़ गए। मृतक बालक की मां भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ओरछा मंडल की महामंत्री हैं। मामले की सूचना पदाधिकारियों को लगी तो उन्होंने शोक संवेदना व्यक्त की।

चाइल्ड सर्जन बोले हार्ट अटैक आना कोई बड़ी बात नहीं

टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय से रिटायर्ड हुए सीनियर चाइल्ड सर्जन डॉक्टर अशोक नायक का कहना है कि बच्चों में आजकल हार्ट अटैक आना कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों का खानपान दिन प्रतिदिन बिगड़ता जा रहा है, जिसके चलते इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चे को या तो प्वॉइजन देने के बाद भी हार्ड अटैक आ जाता है।

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पोस्टमार्टम के बाद होगा क्लियर

यह पोस्टमार्टम के बाद ही क्लियर होता है कि बच्चे के साथ क्या हुआ है। उन्होंने बच्चों के मां-बाप से अपील की है कि आजकल जो बाजार में जंक फूड मिल रहा है, वह अटैक का सबसे बड़ा कारण है। बच्चे उसके लिए जिद करते हैं लेकिन बच्चों को नहीं देना चाहिए। स्वस्थ भोजन और गाय का दूध बच्चों के लिए सर्वोत्तम है। इससे तन और मन का विकास होता है और कभी ब्लॉक के या हार्टअटैक की संभावना नहीं रहती है।
आकाश सिकरवार
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