Akaltara Big News : ‘मर जाएंगे, लेकिन बिना मुआवजा के पाइप बिछाने नहीं देंगे’, 19 गांवों के किसानों की मुसीबत बढ़ी, किसानों की चेतावनी, ‘मुआवजा नहीं मिला तो कलेक्टोरेट में करेंगे आत्मदाह’

जांजगीर-चाम्पा. अकलतरा विधानसभा क्षेत्र के 19 गांवों के किसान, गेल इंडिया कम्पनी की मनमानी से परेशान हैं. पिछले 1 साल से सैकड़ों किसान मुआवजा के लिए भटक रहे हैं, वहीं गेल इंडिया कंपनी ने किसानों के खेतों में मनमाने तरीके से पाइप बिछा दी है. कुछ किसानों को दबाव बनाकर जबरन अपने तरीके से मुआवजा राशि दे दी है, जिससे किसानों में सही मुआवजा नहीं मिलने से आक्रोश है. पेड़ों का मुआवजा नहीं दिया जा रहा है और किसानों की बिना सहमति के कई गांवों के खेतों में पाइप बिछाई गई है.

 



किसानों की 3 दौर की प्रशासन और कम्पनी के अधिकारियों की बैठक हो चुकी है. अभी पोड़ीदलहा गांव में अकलतरा विधायक राघवेंद्र सिंह और तहसीलदार के साथ किसानों की बैठक हुई, लेकिन गेल इंडिया कम्पनी के अफसर बैठक में नहीं पहुंचे. पोड़ीदलहा गांव के किसानों ने अपने खेतों को खोदने नहीं दिया है.

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किसानों का कहना है कि चाहे कुछ भी हो जाए, जब तक सही मुआवजा राशि नहीं मिलेगी, पाइप लाइन बिछने नहीं दिया जाएगा. किसानों ने कहा है कि वे मर जाएंगे, लेकिन झुकेंगे नहीं. उनका कहना है कि जिला प्रशासन के अफसर लगातार दबाव बना रहे हैं, धमकी दे रहे हैं और गेल इंडिया कम्पनी को संरक्षण दे रहे हैं. किसानों का यह भी कहना है कि जरुरत पड़ी तो कलेक्टोरेट में जाकर आत्मदाह भी करेंगे.

अकलतरा विधायक राघवेंद्र सिंह ने मार्च में शिकायत की थी, लेकिन विधानसभा में कहा गया, कोई शिकायत नहीं आई है, लेकिन दोबारा संज्ञान में लाया गया तो मामले में तहसीलदार के नेतृत्व में फिर जांच शुरू हुई है, लेकिन विडंबना यह है कि अफसरों के पास प्रभावित किसानों का डिटेल नहीं है.

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आपको बता दें, मुम्बई-नागपुर से छत्तीसगढ़ होते हुए झारसुगड़ा तक गैस पाइप लाइन गेल इंडिया कम्पनी द्वारा बिछाई जा रही है, जिसमें सही मुआवजा नहीं मिलने से अकलतरा क्षेत्र के 19 गांवों के किसानों में नाराजगी है. मामले में अकलतरा तहसीलदार कृष्णकुमार जायसवाल ने कहा कि राजस्व अमला के साथ मिलकर किसानों का डिटेल लिया जा रहा है, इसके बाद आगे पहल की जाएगी.

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