एक ही दिन रखा जाएगा ये व्रत, किस तारीख पर किस देवी की होगी पूजा? जानिए..

मां भगवती के भक्तों को नवरात्रि पर्व का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार रहता है। वहीं शारदीय नवरात्रि को शुरू होने में बस कुछ दिन ही और बचे हैं।



 

 

 

ऐसे में लोग इसकी तैयारियों में जुट गए हैं। साफ-सफाई से लेकर साज-सजावट और नौ देवियों को प्रसन्न करने की तैयारियां कर रहे हैं। ऐसे में नवरात्रि की नौ देवियों को प्रसन्न करने के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि किस दिन किस देवी की पूजा की जाती है। तो चलिए इसके बारे में जानते हैं।

 

 

 

हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होने वाली शारदीय नवरात्रि (shardiya navratri) इस साल 3 अक्टूबर 2024 दिन गुरुवार से शुरू हो रहा है, जिसका समापन 11 अक्टूबर 2024 दिन शुक्रवार को नवमी तिथि पर होगा। वहीं इसके अगले दिन 12 अक्टूबर दिन शनिवार को विजयादशमी (vijayadashami) का पर्व मनाया जाता है, जिसे दशहरा के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं इस साल किस दिन किस देवी की पूजा की जाएगी।

इसे भी पढ़े -  Sakti Big News : वेदांता पॉवर प्लांट हादसे की जांच करेंगे बिलासपुर कमिश्नर, सरकार ने आदेश जारी किया, इन बिंदुओं पर होगी जांच, इतने दिन में देने होंगे जांच रिपोर्ट... देखिए आदेश...

 

 

 

नवरात्रि में किस दिन किस देवी की होगी पूजा?

शारदीय नवरात्रि का पहला दिन: 3 अक्टूबर दिन गुरुवार- घटस्थापना, मां शैलपुत्री की पूजाशारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन: 4 अक्टूबर दिन शुक्रवार- मां ब्रह्मचारिणी की पूजाशारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन: 5 अक्टूबर दिन शनिवार- मां चंद्रघंटा की पूजाशारदीय नवरात्रि का चौथा दिन: 6 अक्टूबर दिन रविवार- मां कूष्मांडा की पूजाशारदीय नवरात्रि का पांचवा दिन: 7 अक्टूबर दिन सोमवार- मां स्कंदमाता की पूजाशारदीय नवरात्रि का छठा दिन: 8 अक्टूबर दिन मंगलवार- मां कात्यायनी की पूजाशारदीय नवरात्रि का सातवां दिन: 9 अक्टूबर दिन बुधवार- मां कालरात्रि की पूजाशारदीय नवरात्रि का आठवां दिन: 10 अक्टूबर दिन गुरुवार- मां महागौरी की पूजाशारदीय नवरात्रि का नौवां दिन: 11 अक्टूबर दिन शुक्रवार- मां सिद्धिदात्री की पूजा

इसे भी पढ़े -  Jaijaipur News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बढ़ी नारी शक्ति की भागीदारी : जिला पंचायत सभापति सुशीला सिन्हा

 

 

 

एक ही दिन रखा जाएगा ये व्रत

इस शारदीय नवरात्रि अष्टमी और नवमी तिथि एक साथ पड़ रही है। ऐसे में इन दोनों का व्रत एक साथ रखा जाएगा। पंचांग के मुताबिक आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 10 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी जो 11 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 6 मिनट पर समाप्त होगी। इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी, जो 12 अक्टूबर की सुबह 10 बजकर 57 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। ऐसे में ये दोनों व्रत एक ही दिन रखा जाएगा और जो, लोग नौ दिन का व्रत रख रहे हैं, वह 12 अक्टूबर को दशमी तिथि में पारण कर सकते हैं।

इसे भी पढ़े -  Jaijaipur News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बढ़ी नारी शक्ति की भागीदारी : जिला पंचायत सभापति सुशीला सिन्हा

error: Content is protected !!