जांजगीर-चाम्पा. क़ृषि और पशुपालन के क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक पंचायतो में चयनित क़ृषि सखी और पशु सखी दीदियाँ महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में भूमिका निभाएंगी और केंद्र और राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य को लेकर क़ृषि उद्यमी की प्रशिक्षण आवश्यक है।
उक्त बातें भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान जांजगीर में आयोजित क़ृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारम्भ करते हुए क़ृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख डॉ के डी महंत ने ब्यक्त कहीं।
संस्थान के निदेशक लक्ष्मीनारायण सिंकू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की 18 से 45 साल आयु के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के बेरोजगार युवक युवतियाँ तथा बिहान की महिलाओ के लिए कई प्रकार की निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में स्थानीय जिले के अलावा सक्ति जिले के 35 क़ृषि और पशु सखी दीदियाँ को शामिल किया गया है।
इस मौके पर क़ृषि विज्ञान केंद्र के कीट वैज्ञानिक डॉ रंजीत मोदी, फेकेल्टी अरुण पाण्डेय, मास्टर ट्रेनर दीनदयाल यादव, योगेश यादव, किशन रजक, चंद्र प्रकाश गढ़ेवाल, बंशीलाल यादव, दाताराम कश्यप प्रमुख रूप से उपस्थित रहें।