



सक्ती. सुखी मांड व्यापर्तन नहर परियोजनों में अब पानी आने से चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चंद्रपुर, कांशीडीह कुंदुझांझ मिरौनी हरदी गोपालपुर बरहागुडा, सिरौली, मड़वा, बोरसी, राधापुर नावापारा डोमनपुर अमलडीहा, खोरसिया, पेंडरवा, लटेसरा, बगरेल, सपोस बारापीपर मेढापाली परसापाली खोरसिया, सुरसी, साल्हे मुक्ता रेडा, किरारी, तुलसीडीह छवरीपाली जवाली, कोसमंदा धौराभाठा कटेकोनी खरकेना गिरगिरा बिनौधा अमलीपाली, बिलाईगढ़ क्षेत्र के किसानों के खेत की प्यास बुझ सकेगी. अंचल के किसानों की आंखे खेतों में पानी का इंतजार करते करते पथरा गई और इस किसानों के इस दर्द को भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य एवं उभरते हुए युवा भाजपा नेता आलोक पटेल ने संजीदगी से महसूस किया.
आलोक पटेल ने इस परियोजना के जरिए किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए कमर कस ली और सूबे के भरोसेमंद वित्त मंत्री ओपी चौधरी से राजधानी में मुलाकात कर मांड व्यपवर्तन नहर में पानी नहीं आने के संबंध में विस्तार से बताया. 2006 से शुरू की गई इस परियोजना के जरिए अब तक पानी क्यों नहीं पहुंच पाया इस संबंध की जानकारी मातहतों से लेते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने यह विश्वास दिलाया कि किसानों के हित के निर्णय तत्काल लिए जाएंगे.
आलोक पटेल ने इस संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मांड व्यवर्तन योजना के शीर्ष कार्य एवं नहर का आधुनिकीकरण उन्नयन जीणोद्धार प्राक्कलन 5258.10 लाख का प्रशासनीय स्वीकृति हेतु शासन वित्त विभाग को प्रेषित किया गया है. योजना की रूपांकित सिंचाई क्षमता 3500 हेक्टेयर खरीफ एवं 500 हेक्टेयर रबी फसल कुल 4000 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित है. विगत 5 वर्षों की सिंचाई 1760 खरीफ है. 1740 खरीफ एवं 900 हेक्टेयर रवि कल 2240 हेक्टेयर सिंचाई में हो रही कमी को प्रस्तावित कार्यों की पूर्णता उपरांत पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है. इस योजना के तहत किसानों के खेतों तक पानी पहुंचने से उनकी बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो सकेगी. उन्होंने कहा किसानों सुविधाओं के विस्तार के लिए वे सतत् प्रयास जारी रखेंगे.






