




सक्ती. कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन एवं उप संचालक कृषि तरुण प्रधान के मार्गदर्शन में जिले में नकली खाद निर्माण, कालाबाजारी और अधिक कीमत पर बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर टीमों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है. निजी और सहकारी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर अनियमितताएं पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही करते हुए कई फर्मों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है.

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील हसौद के मेसर्स तरुण हार्डवेयर एवं प्लाई सेंटर तथा तहसील जैजैपुर के भातमाहूल स्थित मेसर्स सक्ती आधुनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के विक्रय पर 21 दिनों के लिए प्रतिबंध लगाया गया है. वहीं विकासखंड मालखरौदा के मेसर्स बद्रीप्रसाद साहू (मुडपार) एवं मेसर्स कमल (बीरभाठा) सहित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित कलमा एवं मडवा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इसी क्रम में मेसर्स धनलक्ष्मी कृषि केन्द्र लवसरा के विक्रय स्थल और गोदाम का भी निरीक्षण किया गया, जहां उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत प्रावधानों के उल्लंघन पाए जाने पर विक्रय प्रतिबंधित किया गया.
इस प्रकार कुल 7 फर्म संचालकों पर तत्काल प्रभाव से विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है. निरीक्षण के दौरान स्टॉक सूची का अद्यतन नहीं होना, स्टैकिंग में अनियमितता तथा पीओएस स्टॉक और भौतिक स्टॉक में अंतर जैसी कमियां पाई गई. सभी संबंधित फर्म संचालकों को 7 दिवस के भीतर वैध दस्तावेजों के साथ जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा प्राधिकार पत्र निलंबन की कार्यवाही की जाएगी.
जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन में किसानों को उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाले खाद, बीज एवं कीटनाशक उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए संबंधित निरीक्षकों को नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही चेतावनी दी गई है कि कालाबाजारी या अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही लगातार जारी रहेगी.
निरीक्षण के दौरान जिला नोडल अधिकारी सुमान पैकरा, सहायक नोडल अधिकारी कृतराज, सहायक विकासखंड अधिकारी (जैजैपुर) राजेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी, उर्वरक निरीक्षक मनोहर कुमार रात्रे, प्रवीण कुमार यादव, राजेन्द्र कुमार पटेल, जितेंद्र कुमार साहू सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे.





