




तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। चिलचिलाती धूप के कारण लोगों का हाल बेहाल हो रहा है। बढ़ती गर्मी के कारण थकान और चिड़चिड़ापन महसूस होने के साथ-साथ पाचन भी सुस्त हो जाता है। ऐसे में शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए चावन की कांजी काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

चावल की कांजी एक प्रोबायोटिक ड्रिंक है, जो पूरे देश में गर्मी के मौसम में खूब पसंद किया जाता है। फर्मेंटेड होने के कारण यह पाचन के लिए काफी फायदेमंद होती है और शरीर को ठंडक भी पहुंचाती है। आइए जानें गर्मी में चावल की कांजी पीने के फायदे और इसे बनाने की रेसिपी।
चावल की कांजी पीने के फायदे
नेचुरल प्रोबायोटिक- फर्मेंटेशन की प्रक्रिया के कारण इसमें गुड बैक्टीरिया पनपते हैं, जो आंतों के स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन हैं। यह कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं को जड़ से खत्म करने में मदद करती है।
लू से बचाव और ठंडक- इसकी तासीर बेहद ठंडी होती है। गर्मी में इसे पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और यह हमें लू की चपेट में आने से बचाती है।
इंस्टेंट एनर्जी बूस्टर- इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स और इलेक्ट्रोलाइट्स थकान को तुरंत दूर कर शरीर को एनर्जी से भर देते हैं। यह डिहाइड्रेशन को रोकने का सबसे सस्ता और असरदार तरीका है।
चमकती त्वचा और मजबूत बाल- इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को डिटॉक्स करते हैं, जिससे चेहरे पर नेचुरल निखार आता है और बालों की जड़ें मजबूत होती हैं।
चावल की कांजी बनाने की रेसिपी
सामग्री-
पके हुए सादे चावल- 1 कप
पानी – आवश्यकतानुसार
ताजा दही – ½ कप
बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च – स्वाद के लिए
नमक – स्वादानुसार
तड़के के लिए- राई, जीरा, करी पत्ता और थोड़ा सा तेल।
बनाने का तरीका
रात के बचे हुए पके हुए चावलों को एक मिट्टी या कांच के बर्तन में डालें। इसमें इतना पानी भरें कि चावल पूरी तरह डूब जाएं। अब इसे ढककर रात भर के लिए बाहर ही छोड़ दें।
सुबह तक चावल हल्के फर्मेंट हो जाएंगे। अब इन चावलों को हाथों से हल्का मैश कर लें। इसमें आधा कप ताजा दही मिलाएं।
अब इसमें कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया और स्वादानुसार नमक डालें।
स्वाद बढ़ाने के लिए एक छोटे पैन में तेल गरम करें। इसमें राई, जीरा और करी पत्ता चटकाएं। इस तड़के को कांजी के ऊपर डालें।





