




यूपी काडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग यादव पर कार्रवाई हो सकती है। दरअसल, अनुराग यादव पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए थे। दिल्ली से हुई वर्चुअल समीक्षा बैठक में कूच बिहार दक्षिण के पर्यवेक्षक अनुराग यादव से उनके क्षेत्र के पोलिंग बूथों की संख्या पूछी गई, जिसका वह तत्काल उत्तर नहीं दे पाए। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से नाराजगी जताई गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान दोनों के बीच बहस हो गई। इसके बाद ही आयोग ने अनुराग को पर्यवेक्षक पद से हटाते हुए वापस भेजने का निर्देश दिया। आइए जानते हैं कौन हैं आईएएस अनुराग यादव?

कौन हैं IAS Anurag Yadav?
अनुराग यादव साल 2000 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह इस समाज कल्याण विभाग में प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले वह आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं।
चुनाव आयोग के पत्र के आधार पर प्रदेश सरकार उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांग सकती है। जवाब संतोषजनक न होने पर विभागीय जांच भी बैठाई जा सकती है। वहीं, आयोग भविष्य में भी उन्हें चुनाव ड्यूटी से दूर रख सकता है।
IAS अभिषेक सिंह के साथ भी हुआ था ऐसा
इससे पहले यूपी कॉडर के वर्ष 2011 बैच के आईएएस अधिकारी रहे अभिषेक सिंह को इसी तरह वर्ष 2022 के विधान सभा चुनाव के दौरान गुजरात से वापस भेजा गया था। पर्यवेक्षक बनाए जाने के दौरान उन्होंने गाड़ी के आगे खड़े होकर फोटो खिंचाने के बाद इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किया था। इसके बाद आयोग ने नाराजगी जताते हुए उन्हें वापस कर दिया था।बता दें कि अभिषेक सिंह ने आईएएस सेवा से त्यागपत्र दे दिया है।





