




जांजगीर-चाम्पा. बहेराडीह एक ऐसा गांव है, जहां के साल भर पहले महिला सरपंच के आकस्मिक निधन के बाद उनकी ही जेठानी पूना बाई मरकाम निर्विरोध सरपंच बनेगी. बहेराडीह गांव जो कि बलौदा ब्लॉक के जाटा पंचायत का आश्रित ग्राम है. महिला सरपंच की मृत्यु से शोक में डूबे बहेराडीह के ग्रामीणों ने मानवता की मिसाल पेश की है.

भगवती मरकाम को सालभर पहले जाटा और बहेराडीह के ग्रामीणों ने सरपंच चुना था, लेकिन नियति को यह रास नहीं आया. जीत के जश्न में डूबे ग्रामीणों के सामने देखते ही देखते उनकी अचानक तबियत बिगड़ी और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी, जिससे गांव में सालभर से दुःख का माहौल बना रहा. पंचायत उप चुनाव की जैसे ही घोषणा हुई तो बहेराडीह के ग्रामीणों ने गांव से एक भी प्रत्याशी तैयार नहीं हुए और अपनी मानवता का मिसाल पेश करते हुए पूर्व सरपंच स्व. भगवती मरकाम की ही जेठानी पूना बाई मरकाम को निर्विरोध सरपंच चुन लिया है. बहेराडीह और जाटा के इस एतेहासिक निर्णय की सराहना अंचल में हो रही है.





