ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल बनारी, जांजगीर में सायबर क्राइम जागरूकता अभियान के तहत विशेष गतिविधि का आयोजन

ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल बनारी, जांजगीर में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सायबर अपराध के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष सायबर क्राइम जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। वर्तमान समय में इंटरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग, सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही साइबर अपराधों के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जांजगीर की सीएसपी श्रीमती योगिता खापर्डे, कांस्टेबल दिव्या सिंह एवं कांस्टेबल सोमनाथ सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से संवाद करते हुए साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। फर्जी फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी पूछना, फर्जी बैंक अधिकारी बनकर जानकारी लेना, सोशल मीडिया अकाउंट हैक करना, ऑनलाइन ठगी तथा विभिन्न प्रकार के डिजिटल फ्रॉड इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

 



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सीएसपी श्रीमती योगिता खापर्डे ने विद्यार्थियों को विशेष रूप से समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक संबंधी विवरण, पासवर्ड अथवा ओटीपी साझा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंक या कोई अधिकृत संस्था सामान्यतः फोन पर ओटीपी, एटीएम पिन अथवा गोपनीय पासवर्ड जैसी जानकारी नहीं मांगती। यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक प्राप्त होता है तो बिना सत्यापन के उस पर क्लिक नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी, फोटो, मोबाइल नंबर, पासवर्ड एवं अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने, समय-समय पर पासवर्ड बदलने तथा दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का उपयोग करने की सलाह दी गई। साथ ही विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि यदि किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध का सामना हो तो घबराने के बजाय तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसके प्रति सजग रहना आवश्यक है। जागरूकता और सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं और अपनी जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान भी किया।

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विद्यालय के शिक्षकों ने भी इस अभियान को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं समयानुकूल बताया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में बच्चों एवं युवाओं को तकनीक के सही उपयोग के साथ-साथ उससे जुड़े जोखिमों की जानकारी होना भी जरूरी है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को जिम्मेदार एवं सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्था संचालक आलोक अग्रवाल जी द्वारा डीएसपी श्रीमती योगिता खापर्डे, कांस्टेबल दिव्या सिंह एवं कांस्टेबल संबंध सिंह को विशेष भेंट एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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विद्यालय परिवार ने पुलिस विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे। संपूर्ण कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी रहा। कार्यक्रम के माध्यम से सभी को यह संदेश दिया गया कि “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और साइबर अपराध से बचने के लिए डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें।”

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