Deoria Big News: बासी छोला खाने से एक छात्र की मौत, प्रशासन में खलबली

देवरिया. राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय मेहरौना में बासी छोला खाने से बीमार पड़े 62 छात्रों में से एक छात्र की बुधवार को गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कालेज में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। इसकी सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में खलबली मच गई है।



मंगलवार की रात करीब 11.30 बजे शिवम यादव कक्षा छह निवासी रामनगर फरेंदा जिला महराजगंज को कंपकपी होने के साथ ही तेज बुखार व उल्टी होने लगी। उसके बाद उसे सामान्य वार्ड से पीआइसीयू में शिफ्ट किया गया।

वहां हालत और बिगड़ गई। जिसके बाद बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। रात भर उपचार किया गया। सुबह करीब 11 बजे हालत और खराब हो गई। उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।

छात्रों के स्टूल की होगी जांच

महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज देवरिया में 61 छात्रों का अभी उपचार चल रहा है। इन छात्रों के स्टूल मल का नमूना लिए जाने की तैयारी है, जिसे जांच के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेजा जाएगा।

इसे भी पढ़े -  Rudraksha Rules: रुद्राक्ष धारण करने से पहले सावधान! जानें असली और नकली में फर्क

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

आश्रम पद्धति विद्यालय में बासी छोले खाने से बीमार छात्रों के मामले में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। जिसके लिए अपर उप जिलाधिकारी अवधेश निगम को जांच की जिम्मेदारी सौंप गई है। निगम ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्चों का बयान लिया इसके पश्चात विद्यालय में जाकर मौजूद बच्चों से बातचीत की।

बीमार बच्चों की एक झलक पाने को परेशान स्वजन

मेडिकल कालेज के नवीन ओपीडी के तृतीय तल पर बने वार्ड में भर्ती बीमार बच्चों का उपचार वार्ड में अंदर डाक्टर कर रहे हैं। ऐसे में वार्ड में भर्ती छात्रों से मिलने के लिए महराजगंज व देवरिया के विभिन्न क्षेत्रों से मिलने व उन्हें देखने के लिए आए स्वजन पूरे दिन परेशान हैं। वार्ड के बाहर फर्श पर बैठ कर बारी-बारी से अंदर जाकर छात्रों से मिले। सुबह से लेकर शाम तक यहां स्वजन की भीड़ लगी रही।

इसे भी पढ़े -  Expressway और नेशनल हाइवे पर वाहन चलाने वालों के लिए जारी हुए नए नियम, कब से मिलेगी बड़ी राहत

हास्टल में वार्डेन की तैनाती नहीं

पं.दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय मेहरौना में शिक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हास्टल में वार्डेन की तैनाती नहीं है। वर्तमान सत्र में छठीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक कुल 326 बच्चों का नामांकन हुआ है, जिसमें से करीब तीन सौ छात्रों की उपस्थिति सदैव बनी रहती है। प्रवक्ता व एलटी के 20 पद के सापेक्ष महज पांच शिक्षक तैनात हैं।

वर्तमान समय में चार शिक्षक, प्रधानाचार्य व फार्मासिस्ट के भरोसे विद्यालय संचालित हो रहा है। दो माली व आउटसोर्सिंग से छह स्टाफ अन्य कार्यों के लिए रखे गए हैं। प्रवक्ता के आठ पद, एलटी के सात पद व वार्डेन का एक पद रिक्त है।

इसे भी पढ़े -  सिर्फ एक साल स्‍कूल गए और लिख डाला अमेरिका का इतिहास, पढ़िए अब्राहम लिंकन की अनसुनी प्रेरक कहानी

error: Content is protected !!