



शिवरीनारायण. यह पहला तीर्थ है, जहां बंदर नहीं है, वृंदावन के बंदर चश्मा उतार के ले जाते हैं, मोबाइल ले जाते हैं, अयोध्या के बंदर कुछ शांत और सीधे हैं ।अयोध्या में हमारे साथ बंदर नहीं रहते! हम बंदरों के साथ में रहते हैं। यह बातें अनंत श्री विभूषित श्री स्वामी मधुसूदनाचार्य जी महाराज ने शिवरीनारायण मठ महोत्सव में स्रोताओं के समक्ष उद्धृत किया। उन्होंने कहा कि *नदी में डुबकी लगाने के लिए दो वस्त्र होना जरूरी है जब घर में स्नान करते हो तो भी दो वस्त्र होना चाहिए। नहाये हुए वस्त्र को निचोड़ना नहीं चाहिए, बल्कि उसे यथावत रखने चाहिए करण कि निचोड़ने से जो जल निकलता है उसे पीतर देवता प्राप्त करते हैं। माताओं को नदी स्नान के समय तीन वस्त्र धारण करना चाहिए। बेटा यदि अच्छा हो तो एक कुल को पवित्र करता है यदि बेटी अच्छी मिले तो दो कुल पवित्र हो जाते हैं। *हमारा कार्य ही गुरु है. इस संसार में कर्म की प्रधानता है। भगवान के चरित्र का गान करते हुए, स्मरण करते हुए, भोजन बनाते हैं तो वह भोजन अमृत बन जाती है। आहार शुद्ध होने से सब कुछ शुद्ध हो जाता है। यहां के भंडारा को देखकर जगन्नाथ पुरी की याद आ जाती है वास्तव में यह जगन्नाथ पुरी ही है।भगवान भक्ति के बंधन में बंध जाते हैं भगवान को कोई पकड़ नहीं सकता! वे तभी पकड़ में आते हैं जब स्वयं पकड़वाना चाहें सोई जानई जेहि देहु जनाई। जानत तुम्हहि तुम्हइ होई जाई।। शिवरीनारायण मठ महोत्सव में सप्तम दिवस दोपहर में लोगों की भारी भीड़ थी।
दो त्रिवेणी का अद्भुत संगम यहां देखने को मिल रहा है
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, प्रयागराज, अरैल घाट, नैनी के फलाहारी आश्रम के महन्त अनंत श्री विभूषित श्री स्वामी रामरतन दास जी महाराज का आगमन अपने अनुचर राजाराम दास जी महाराज के साथ हुआ, यह देखकर आचार्य जी ने कहा कि आज इस कार्यक्रम में दो त्रिवेणी का अद्भुत संगम देखने को प्राप्त हो रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित अति विशिष्ट लोग
शिवरीनारायण मठ महोत्सव में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश जी, फिंगेश्वर राजघराने के राजा नीलेंद्र बहादुर सिंह, आरएसएस के छत्तीसगढ़ प्रभारी टोप लाल वर्मा, पी आई एल चांपा के कारखाना प्रबंधक पारीख तथा पंडित दिनेश शर्मा ,राघवेंद्र प्रताप सिंह, विजय पाली, रमेश यदु, रामकृष्ण पाली, चंद्रकांत यदु, मनोज मित्तल, पुरुषोत्तम शर्मा, शशि भूषण सोनी, विवेका गोपाल, बृजेश केसरवानी, हेमंत दुबे, सुबोध शुक्ला, निरंजन लाल अग्रवाल, वीरेंद्र तिवारी,पूर्णेन्द्र तिवारी, कमलेश सिंह, हर प्रसाद साहू, प्रमोद सिंह, रमेश पैग्वार, मदन तिवारी, पवन चतुर्वेदी, बजरंग शर्मा, देव कुमार पांडे, राजेश छत्री, हरीश राठौर,कुणाल गुप्ता, सहित अनेक गणमान्य नगरीकरण सम्मिलित हुए।
सीताराम विवाह महोत्सव 25 को
श्री शिवरीनारायण मठ में मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पंचमी तद्नुसार 25 नवंबर को सुबह श्रीमद् भागवत कथा अनवरत चलेगी, शाम को सीताराम विवाह महोत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।






