



सक्ती. सक्ती जिले के घिवरा गांव में प्रत्येक शनिवार की शाम एक अनोखा आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिलता है। जैसे ही सूर्यास्त होता है, गांव की गलियों में सामूहिक रूप से राम नाम का जप गूंज उठता है, जो अब गांव की पहचान बन चुकी है।
ग्रामीणों के अनुसार यह पहल न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, शांति और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का माध्यम भी बन रही है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी आयु वर्ग के लोग इसमें पूरे उत्साह के साथ शामिल होते हैं। सामूहिक जप के दौरान गांव में एक विशेष आध्यात्मिक माहौल बन जाता है, जो लोगों को तनाव से मुक्ति और मानसिक शांति प्रदान करता है।
ग्रामीण बताते हैं कि इस नियमित आयोजन से आपसी भाईचारा बढ़ा है और सनातन संस्कृति के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी मदद मिल रही है। बिना किसी राजनीतिक या सामाजिक मतभेद के, पूरा गांव एक साथ बैठकर भक्ति भावना में लीन होता है।
घिवरा गांव की यह पहल आज आसपास के गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। सकारात्मक सोच, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण का यह अनूठा प्रयास ग्रामीण जीवन में नई रोशनी ला रहा है।






