Sakti Big Update : मजदूरी के लिए गया, लेकिन मिली मौत, मजदूर का यह सपना रह गया अधूरा ? हत्या की वारदात के बाद गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़… डिटेल में पढ़िए…

सक्ती. केरल के पलक्कड़ जिले में हुई हत्या की संगीन वारदात ने छग को हिलाकर रख दिया है. जिस मजदूर की मौत हुई है, वह छग के सक्ती जिले का रहने वाला है. बांग्लादेशी घुसपैठिये होने का आरोप लगाकर हत्या की गई है. मजदूर रामनारायण बघेल, अपने अधूरे घर को पूरा करने के सपने को लेकर मजदूरी करने पहुंचा था और वह सपना अब अधूरा रह गया है. मजदूर की हत्या के बाद उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है. वह मजदूरी के लिए गया था, लेकिन उसे मौत मिली है.



13 दिसम्बर को करही गांव से मजदूर रामनारायण बघेल, केरल के लिए निकला, लेकिन उसे नहीं पता था कि पलक्कड़ जिले का वालैयार, उसका कब्रगाह बन जाएगा. 15 दिसम्बर को मजदूर केरल पहुंचा था और मजदूरी की तलाश में था, लेकिन इस दौरान 17 दिसम्बर को उसे बदमाशों ने पकड़ लिया और उस पर बांग्लादेशी बंग्लादेशी घुसपैठी होने का आरोप लगाकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी. उसकी इतनी पिटाई हुई है, मजदूर रामनारायण बघेल ने दम तोड़ दिया. मजदूर से मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ है.

वारदात के बाद केरल की पुलिस ने हत्या के 5 आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मजदूर के शव को मर्च्युरी में रखवाया गया है. वारदात की सूचना परिजन को मिली तो वे केरल के लिए रवाना हुए और आज वे आज पहुंच गए हैं. मृतक की पत्नी ललिता बघेल भी अपने 2 बच्चों को साथ लेकर गई है. करही गांव में मौजूद मजदूर की मां और अन्य परिजन ने शव को करही लाने के साथ ही मुआवजा देने सरकार से मांग की है.

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मजदूर रामनारायण बघेल का सपना था कि उसका अधूरा घर पूरा हो जाए, जिसके लिए वह मजदूरी करने केरल गया था. रामनारायण का वह सपना भी अधूरा रह गया है.

करही गांव में मजदूर रामनारायण बघेल की बूढ़ी मां, टूटे-फूटे और जर्जर मकान में रहती है. हत्या की वारदात ने उसका कमाऊ पुत्र को छीन लिया है. इस घटना के बाद बूढ़ी मां का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजन को अब शव के घर आने और सरकार से मुआवजा मिलने का इंतजार है. बूढ़ी मां की आंखें टकटकी लगाए, अपने बेटे का इंतजार कर रही है.

बड़ा सपना लेकर मजदूर रामनारायण बघेल, केरल गया था और उसकी हत्या के बाद परिजन भी बेहद दुखी हैं. वे इस बात से भी आहत हैं कि रामनारायण को बांग्लादेशी घुसपैठी बताकर मारा गया, जबकि उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, रामनारायण बहुत सीधा और मिलनसार व्यक्ति था.

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मजदूर की हत्या करते वक्त बंग्लादेशी घुसपैठी होने के आरोप और इस हत्या की संगीन वारदात से करही गांव के स्थानीय लोग नाराज हैं. उनका कहना है रामनारायण बघेल, शांत स्वभाव का था. बहुत सीधा सादा था और उसका गांव में भी किसी से विवाद नहीं था. ऐसे में जिन लोगों ने उसकी बेरहमी से हत्या की है, उन लोगों को सख्त से सख्त सजा दी जाए.

केरल में छग के मजदूर की हत्या होने के बाद राज्य में हलचल मच गई है और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पीड़ित परिवार को हर सम्भव मदद देने का भरोसा दिलाया है.

इधर, उपमुख्यमंत्री ने मदद का भरोसा दिलाया है, लेकिन वारदात की जानकारी होने के 2 दिन बाद भी कोई भी अधिकारी और बड़ा जनप्रतिनिधि, मजदूर के घर करही गांव नहीं पहुंचा है. प्रशासनिक अफसरों ने केरल प्रशासन से सम्पर्क बनाने की बात कही है. मजदूर का घर, केवल पटवारी पहुंचा था, जिसने मजदूर के परिवार की जानकारी ली है. इसके बाद, परिजन को ढांढस देने स्थानीय कोई बड़ा अफसर और नेता, नहीं पहुंचे हैं. ऐसे में अफसरों और नेताओं की संवेदनशीलता पर सवाल उठ रहे हैं ?

केरल में मजदूर की हत्या के बाद करही गांव के लोगों ने दुख व्यक्त किया है. स्थानीय जनप्रतिनिधि गोपी सिंह ठाकुर ने कहा है कि यह दुखद घटना है. सरकार को मदद करना चाहिए, क्योंकि यह गरीब परिवार है, जिनके घर में पत्नी, 2 बच्चे और बूढ़ी मां है. उन्होंने कहा है कि मजदूर को मदद दिलाने वे भी अफसरों और बड़े नेताओं से बात करेंगे.

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केरल के पलक्कड़ जिले के वालैयार में मजदूर से बेहरमी से हत्या हुई है, उसने सवाल खड़ा कर दिया है. मजदूर के शव में 80 से ज्यादा जख्म मिले हैं. परिवार के लोगों ने न्याय की गुहार लगाई है. अब देखना होगा, सरकार क्या पहल करती है ? हालांकि, हरसम्भव मदद करने का दावा किया गया है.

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