



अकलतरा. कोटमी सोनार के रेलवे स्टेशन पारा में पटेल परिवार में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन आचार्या रामप्रिया पूजा तिवारी ने भगवान श्रीकृष्ण के बालपन में गिरिराज पर्वत उठाने की कथा सुनाई । स्वामी श्री हूलेश्वर नंद की कृपापात्र आचार्या रामप्रिया पूजा तिवारी ने भगवान श्रीकृष्ण के बालपन की कथा सुनाते हुए बताया कि एक जब भी बाल कृष्ण कोई चमत्कार करते उनसे उनके मित्र पूछते ? क्या तुम भगवान है तो वे उत्तर देते नहीं तो तुम में इतना बल आता कहा से है तब वे जवाब देते कि मैं बचपन में मां यशोदा का माखन मिश्री बहुत खाया हूं न उसी की ताकत है तो उनके बालमित्र कहते हैं वो माखन मिश्री तो सब खाते रहे हैं तो उनमें ये बल क्यों नहीं है तो बालकृष्ण बड़ी चतुराई से जवाब देते कि तुम्हारी ताकत तो मैं ले लेता हूं तो कहां से तुममें बल आयेगा , जब मैं तुम्हारी तरफ देखता तो तुम्हारा बल मुझमें आ जाता है ।
आचार्या रामप्रिया पूजा तिवारी ने बताया कि गोकुल में हर वर्ष भगवान इंद्र की पूजा होती थी, तब बालकृष्ण ने कहा कि हम सबको गिरिराज की पूजा करनी चाहिए क्योंकि वे हमारे गायों की पालनहार है , हमें सबसे ज्यादा पोषण वन और पहाड़ों से मिलता है इसलिए हमें उसकी पूजा और सुरक्षा करनी चाहिए और जब भगवान इंद्र यह देखते हैं तो वे अपमान महसूस करते हैं और गुस्से में घनघोर वर्षा कर गोकुल को डुबो देना चाहते हैं तब भगवान कृष्ण गिरी पर्वत को अपनी उंगली में धारण कर लेते हैं और गोकुलवासियों की रक्षा करते हैं ।
भागवत कथा सुनने पूर्व विधायक अकलतरा चुन्नीलाल साहू, सरपंच कोटमी सोनार तथा प्रतिनिधि प्रदीप सोनी , सामाजिक कार्यकर्ता छोटू (पिकेश्वर) कश्यप, सुबोध थवाईत, हितेश पालीवाल, अविनाश सिंह, अविनाश साहू, राकेश शर्मा, प्रकाश केंवट, दीपक साहू, दिलेश्वर साहू,मनीष धीवर , दीपक पटेल, केशव यादव, शामिल हुए ।





