



जांजगीर-चाम्पा. जांजगीर के पंचम अपर सत्र न्यायालय ने फर्जी ऋण पुस्तिका बनाने वाले आरोपी पटवारी दयाराम साहू और सहयोगी परमानंद कर्ष को 3-3 साल के कारावास की सजा सुनाई है. मामला बिर्रा क्षेत्र के तालदेवरी गांव का है.
जांजगीर के अपर लोक अभियोजक केदार नाथ कश्यप ने बताया कि साल 2023 में नम्मूलाल पटेल ने बिर्रा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया था. फर्जी तरीके से ऋण पुस्तिका बनाकर गरियाबंद जिले से 22 लाख का लोन लिया गया था. मामले में एफआईआर दर्ज कर मामला चाम्पा के सिविल कोर्ट में पेश किया गया था.
मामले की सुनवाई करते कोर्ट ने आरोपी पटवारी दयाराम साहू और सहयोगी परमानन्द कर्ष को 3-3 साल की सजा सुनाई थी. इस पर आरोपियों ने जांजगीर के पंचम सत्र न्यायालय में अपील की थी और सुनवाई करते कोर्ट ने लोवर कोर्ट की सजा को बरकरार रखा. इस तरह पटवारी दयाराम साहू और सहयोगी परमानंद कर्ष को 3-3 साल की सजा सुनाई है.





