लेख – भाजपा ने एक बार फिर चौंकाया…

लेख – भाजपा ने एक बार फिर चौंकाया…



राजकुमार साहू
भाजपा ने तमाम कयासों को धाराशायी किया है और अपने पुराने अंदाज की तरह भाजपा ने एक बार फिर चौंकाया है. छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में भेजे जाने वाले नाम पर अनेक कयास लगाए गए, लेकिन भाजपा ने छग से लक्ष्मी वर्मा का नाम फायनल कर हर बार की तरह फिर से चौंकाया है और उन सभी राजनीतिक कयासों पर भी विराम लगा दिया है.
छग में राज्यसभा की 5 सीट है, जिसमें 2 सीट 9 अप्रेल को खाली हो रही है. इसमें फूलोदेवी नेताम और केटीएस तुलसी का कार्यकाल खत्म होगा. इसे देखते हुए राज्यसभा सीट के लिए 5 मार्च तक नामांकन दाखिल होगा और 16 मार्च को मतदान होगा. छग में राज्यसभा में जाने को लेकर पिछले हफ्ते भर से कई तरह के कयास की चर्चा रही. कह सकते हैं, ‘जितनी मुंह-उतनी बातें’ होती रही. सबसे बड़ी बात, भाजपा ने हर बार की तरह तमाम चर्चाओं को दरकिनार किया है और भाजपा ने राज्यसभा प्रत्याशी के रूप में लक्ष्मी वर्मा का नाम फायनल कर दिया है.

पिछले कुछ बरस से छग के कोटे से प्रदेश के नेताओं को राज्यसभा में भेजे जाने की मांग रही है और पिछली बार जब कांग्रेस ने यहां से छग के बाहर के केटीएस तुलसी और राजीव शुक्ला, रंजीत रंजन को राज्यसभा भेजा था तो काफी सवाल उठे थे और छत्तीसगढ़िया को हासिये पर रखने की बात ने भी खूब तूल पकड़ा था. इस दौरान दिसम्बर 2023 में छग में सरकार बदल गई और भाजपा ने रायगढ़ के राजा देवेंद्र प्रताप सिंह को राज्यसभा भेजा था. अब जब इस बार 2 सीट खाली हो रही है तो छत्तीसगढ़ से ही राज्यसभा भेजे जाने का दबाव देखने को मिला. यही वजह है, भाजपा ने वरिष्ठ नेत्री लक्ष्मी वर्मा का नाम फायनल किया है. वे अभी छग महिला आयोग की सदस्य हैं और संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुकी हैं. रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और मीडिया में सरकार, संगठन का पक्ष बेहतर तरीके से रखती रही हैं. कुर्मी समाज से आती हैं और महिला वर्ग में उनकी मजबूत पकड़ भी बड़ा आधार बना है.

पिछले बरसों में कांग्रेस ने कुर्मी समाज की छाया वर्मा को राज्यसभा में भेजा था. ऐसे में पिछड़ा वर्ग और कुर्मी समाज से लक्ष्मी वर्मा का नाम फायनल करने में भाजपा को सार्थक दिखा. महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम की सीट भी खाली हो रही है तो इस तरह भाजपा ने महिला और पिछड़ा वर्ग कार्ड भी खेल दिया है. चूंकि, इससे पहले भाजपा की ओर से राज्यसभा भेजे गए राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, सामान्य वर्ग से हैं. कुल-मिलाकर कयास लगाने वालों को भाजपा ने एक बार फिर चौंकाया ही, साथ ही छग की सियासत को देखते हुए कई पहलुओं को गौर कर भाजपा ने अनेक वर्ग को साधने की कोशिश की है.

छग में स्थानीय को राज्यसभा भेजे जाने की बात, अभी भी तूल पकड़ा हुआ है. यही वजह है, भाजपा ने इस मसले पर गौर किया है और पिछली कांग्रेस सरकार के वक्त, दूसरे राज्य के 3 लोगों को राज्यसभा भेजा गया था और छत्तीसगढ़ियावाद पर सवाल उठे थे, साथ ही सरकार के अलावा कांग्रेस की जमकर किरकिरी हुई थी. यही वजह है, भाजपा, छत्तीसगढ़ के लोगों को राज्यसभा भेजने की दिशा में कार्य कर रही है. लक्ष्मी वर्मा, लंबे वक्त से भाजपा संगठन में सक्रिय है और उनकी छवि बेहतर होने से संगठन ने उनके नाम पर मुहर लगा दी है, जबकि कयास तो अलग-अलग तरह से लगाए जा रहे थे, लेकिन भाजपा ने जैसे एक दस्तूर बना ली है कि वह हमेशा चौंकाएगी ही… खैर, भाजपा ने राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा का नाम तय किया है, इसके बाद कयास तो बंद हो ही गए, वहीं संगठन ने लक्ष्मी वर्मा को आगे लाकर कई तरह के राजनीतिक हालात को भी साधने की पूरी कोशिश की है. इस तरह आने वाले वक्त में भाजपा की यह दूरगामी सोच, कितनी सटीक साबित होगी, यह देखने वाली बात होगी ?

अब नजर, कांग्रेस के द्वारा घोषित राज्यसभा प्रत्याशी के नाम पर भी है, क्योंकि 2 सीट में से 1 सीट कांग्रेस को मिलेगी. हालांकि, भाजपा ने जिस तरह छग से राज्यसभा भेजने के लिए 2 बार नाम तय किया है, इसके बाद नहीं लगता कि कांग्रेस, छग के बाहर के व्यक्ति को प्रदेश के कोटे से राज्यसभा भेजेगी, क्योंकि पहले हो चुकी किरकिरी से कांग्रेस जरूर सबक लेगी, लेकिन देखना होगा, कांग्रेस किसके नाम पर राज्यसभा के लिए मुहर लगाती है ?

( लेखक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार हैं )

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