




जांजगीर-चाम्पा. चाम्पा क्षेत्र के सिवनी गांव में प्रधानमंत्री समर्थ योजना के तहत केंद्रीय रेशम बोर्ड वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार बैंगलोर के मार्गदर्शन में 270 घण्टे यानी 34 दिन के प्रशिक्षण का समापन हो गया, जहां कौशल विकास, रेशम हाथकरघा बुनकर प्रशिक्षण के तहत 30 महिलाएं शामिल हुईं. ट्रेनर रामाधार देवांगन, सहायक ट्रेनर चमराराम देवांगन ने महिलाओं को बुनकरी कार्य की हर बारीक जानकारी से अवगत कराया है और बुनकरी के क्षेत्र की सभी विधाओं में पारंगत किया है.

ट्रेनिंग लेने वाली महिलाओं ने बताया कि महिलाओं को आगे बढ़ाने की यह अच्छी पहल है. ट्रेनिंग से अब वे रोजगार से जुड़ सकेंगी. यहां उन्हें कपड़ा बुनना, दरी बुनना सीखाया गया. इस तरह अब वे बुनाई के कार्य को सीखने के बाद आमदनी अर्जित कर सकेंगी. इससे वे सभी महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी.
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर अतिथि के रूप में परिवार परामर्श दात्री समिति जांजगीर की सदस्य श्रीमती तान्या पांडेय, भारतीय हाथकरघा प्रद्योगिकी संस्थान चाम्पा की सदस्य श्रीमती मंजूषा पाटले, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्रीमती उमा सोनी, बलौदा जनपद पंचायत की पूर्व उपाध्यक्ष श्रीमती नम्रता नामदेव और तसर अनुसन्धान सिवनी के अधिकारी राजेन्द्र पुरोहित, अरविंद शर्मा शामिल हुए. यहां सभी अतिथियों ने सरकार द्वारा महिलाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में शुरू की गई इस पहल की तारीफ की और कहा कि बुनकर की ट्रेनिंग से महिलाओं को घर और गांव में रोजगार मिल सकेगा. महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार का यह सार्थक कदम है.
कार्यक्रम में उषा यादव, शर्मिला गोस्वामी, पुष्पा महंत, गौरी नामदेव, बद्रिका यादव, धनकुंवर बरेठ, रुकमणी पांडेय, अंजनी यादव, दुर्गा बरेठ, पामिति यादव, सीमा महंत, शिव कुमारी, सुलोचनी महंत, प्रियंका धीवर, कविता बरेठ, रश्मिन बरेठ, सरिता बरेठ, सजनी बरेठ, रानू जायसवाल, नित्रिका यादव, कुसुम विश्वकर्मा, बसन्ती नामदेव, सहोदरी बरेठ, भगवती बरेठ, अंजू बरेठ, कमला श्रीवास, रामकुमारी, उर्मिला, कृष्णा, मालती, पूर्णिमा, दिनेश्वरी, महेश्वरी, सुकांति, रानू, दुर्गा, अनुसुईया, रजनी, पार्वती, सन्तोषी, चंद्रिका समेत अन्य महिलाएं और निखिल वैष्णव मौजूद थे.





