जांजगीर-चाम्पा. पामगढ़ क्षेत्र के डोंगाकोहरौद गांव में 5 दिन से जारी आमरण अनशन खत्म हो गया है. गांव की महिलाओं ने जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया. सड़क के निर्माण को लेकर 10 लोगों ने आमरण अनशन शुरू किया था, जिसके समर्थन में ग्रामीणों ने पामगढ़ में साढ़े 8 घण्टे चक्काजाम किया था. अफसरों के लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म हुआ है. अफसरों ने गड्ढे वाली सड़क की मरम्मत और आने दिनों में सड़क के निर्माण का आश्वासन दिया है. उधर, आमरण अनशन से 2 बुजुर्ग की तबियत बिगड़ी थी, जिसमें से एक को बिलासपुर रेफर किया गया है, वहीं 1 बुजुर्ग का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है. अनशन खत्म कराने के दौरान अपर कलेक्टर, एडिशनल एसपी और एसडीएम समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे, वहीं डोंगाकोहरौद के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौजूद थे.






आपको बता दें, पिछले 10 बरस से डोंगाकोहरौद की सड़क बदहाल है. इसे लेकर कई बार शिकायत हुई, गुहार लगाई गई, लेकिन कोई पहल नहीं हुई. ऐसे में ग्रामीणों ने आंदोलन की लड़ाई लड़ने का ठाना और पहले 4 दिन आमरण अनशन किया, फिर जब अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया तो पांचवें दिन पामगढ़ में साढ़े 8 घण्टे चक्काजाम किया गया. बाद में, रात 10 बजे आमरण अनशन कर रहे युवाओं को जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया गया.



