जांजगीर-चांपा. नवागढ़ विकासखंड के ग्राम तुलसी के प्रथम सरपंच, मालगुजार एवं मानस मर्मज्ञ कीर्तिशेष पं. सुशील शुक्ला की दसवीं पुण्यतिथि पर उनके गृह ग्राम तुलसी में अखंड रामायण पाठ, रामचरितमानस गायन, प्रवचन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। श्रद्धा और भक्ति से सराबोर आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, ग्रामीण एवं श्रद्धालु शामिल हुए और पं. शुक्ला को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में जूनियर रविंद्र जैन के नाम से प्रसिद्ध भजन गायक नीलम सिंह यादव ने रामायण एवं भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और उपस्थित श्रोता भाव-विभोर नजर आए।
गृहग्राम तुलसी में पहुंचे जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने कहा कि अपने सुकर्मों और विचारों से पं. शुक्ला सदैव जीवित रहेंगे। उनके सामाजिक योगदान के कारण आज भी लोगों के बीच प्रेरणा एवं मार्गदर्शक के रूप में जीवित हैं। उनकी स्मृति में दस वर्षों से लगातार मानस गायन एवं प्रवचन का आयोजन होना उनके व्यक्तित्व और धार्मिक-सांस्कृतिक योगदान का सम्मान है।









पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश ने कहा कि पं. सुशील शुक्ला का जीवन धर्म, संस्कृति और समाजसेवा से जुड़ा रहा। उनकी स्मृति में लगातार दस वर्षों से हो रहा रामायण गायन नई पीढ़ी को हमारी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव ने कहा कि रामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और संस्कारों का मार्गदर्शन देने वाला ग्रंथ है। पं. सुशील शुक्ला ने मानस के प्रति लोगों में जो भाव जगाया, वह आज भी इस आयोजन के माध्यम से आगे बढ़ रहा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिनेश शर्मा ने कहा कि पूरे देश में नवधा रामायण राम सप्ताह की परपंरा छत्तीसगढ़ में है। यहां भी जांजगीर-चांपा जिला इसमें सबसे आगे है। उन्होंने पंडित शुक्ला की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि जहां कही भी नवधा रामायण होता सुशील बाबा जी की उपस्थिति सुनिश्िचत होती। इसके साथ ही वे समाज सेवा में भी तत्पर रहते। पं. सुशील शुक्ला ने अपने जीवनकाल में समाज और क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। उनके जाने के दस वर्ष बाद भी उनकी स्मृति लोगों के मन में जीवित है और यह आयोजन इसका प्रमाण है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया ने कहा कि किसी व्यक्ति की सच्ची पहचान उसके जाने के बाद भी समाज में बने रहने वाले उसके विचारों और कार्यों से होती है। पं. शुक्ला ने समाज को जो दिशा दी, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है। भाजपा जिला अध्यक्ष अंबेश जांगड़े ने कहा कि पं. सुशील शुक्ला की स्मृति में एक दशक से निरंतर हो रहा मानस गायन और प्रवचन क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को मजबूत करने का कार्य कर रहा है।
भाजपा के जशपुर जिला संगठन प्रभारी अमर सुल्तानिया ने पं. शुक्ला के व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि उनके विचार और सामाजिक सरोकार आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं। उनकी स्मृति में धार्मिक आयोजन की यह निरंतरता उनके प्रति समाज के सम्मान को दर्शाती है। सेवानिवृत्त संयुक्ल संचालक आयुर्वेद डॉ. परस शर्मा ने कहा कि पं. शुक्ला के रामचरितमानस के प्रति अनुराग और धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना को जीवंत रखने के उद्देश्य से शुरू हुई यह परंपरा आज एक दशक पूरा कर चुकी है। नियमित रूप से आयोजित होने वाले इस आयोजन में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की सहभागिता लगातार बनी हुई है। यह प्रशंसा का विषय है। चाम्पा एसडीओपी लोकेश बंसल ने भी पं. सुशील शुक्ला को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार सतीश कुमार सिंह एवं ज्योतिषाचार्य डॉक्टर राजेन्द्र शर्मा ने किया।
आभार प्रदर्शन परिवार के वरिष्ठ सदस्य सुबोध शुक्ला ने किया। इस मौके पर आयोजक परिवार से दुर्गा प्रसाद मिश्रा, नृपेन्द्र गौरहा, श्रीमती श्रद्धा संजय शुक्ला, विद्याधर शुक्ला, श्रीमती प्रीति मनोज शुक्ला, श्रीमती रत्ना-आशीष शुक्ला, श्रीमती प्रीति-अभिषेक शुक्ला, सुशील शुक्ला मिसदा, मनोज शुक्ला, अतोष शुक्ला, जोगेन्द्र शुक्ला, देवेन्द्र शुक्ला, बेदीलाल शुक्ला, योगेन्द्र शुक्ला, बिज्जू शुक्ला, अमित शुक्ला, धन्नुलाल तिवारी, रामकुमार शुक्ला, सुखीराम कश्यप, ज्ञानबाई कश्यप, जानकी यादव, रतनबाई कश्यप, उषा कश्यप, गोपाल कश्यप, सूरज नागेश, राजाराम साहू, रमेश केंवट, अजय नागेश, जयनारायण कश्यप, हरनारायण कश्यप, सुरीत कश्यप, जगेशर कश्यप, रुप सिंह कश्यप, सनत साहू, हेमराज कश्यप, बोटलाल यादव, सुभाष केंवट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
इन्होंने अर्पित किए श्रद्धा सुमन
श्रद्धांजलि कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह में पहुंचे जनप्रतिनिधियों व अधिकािरयों के साथ वरिष्ठजन ने पंडित शुक्ला की छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता ठाकुर गुलजार सिंह, कमलेश सिंह बाबा, जांजगीर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल, एसडीओ फारेस्ट होरेशचंद्र शर्मा, शिवरीनारायण तहसीलदार महेंद्र लहरे, कृषक चेतना मंच के सह संयोजक संदीप तिवारी, सुनील पांडेय, मनीष तिवारी, सुधांशु तिवारी, केशवमूर्ति सिंह, मुकेश सिंह बैस, राजीव मिश्रा, ग्राम सरपंच राजेश सुल्तानिया, घासीराम कश्यप, सोसायटी के अध्यक्ष किशोर कश्यप, राजकुमार, नीरज खूंटे, घासीराम चौहान, सक्ती जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष प्रताप चंद्रा, रोजगार सहायक रामकृष्ण कश्यप, प्रेमा तिवारी, दिलेराम साहू, जोईधाराम सहित वरिष्ठजन प्रतिनिधियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
मानस मंडली का हुअवसम्मान
पं. सुशील शुक्ला की स्मृति में लगातार 10 वर्षों से रामायण गायन एवं प्रवचन की परंपरा को आगे बढ़ाने वाली जगदम्बा मानस मंडली को समारोह में सम्मानित किया गया। अतिथियों ने मंडली के देवराज कश्यप, श्यामलाल कश्यप, लखन साहू, छेदीलाल निर्मलकर, सुकदेव यादव, दिलहरण भानू, माखनलाल साहू, उमेंदराम केंवट, लकेश विश्वकर्मा, छहुरा यादव, लक्ष्मी प्रसाद कश्यप, टिकेश्वर यादव सहित अन्य सदस्यों व पंडित शुक्ला के सहयोगी रहे चंद्रभूषण देवांगन, करनलाल टंडन, हेमलाल यादव, लोचन प्रसाद टंडन, बद्री साहू, बाबूलाल, पुनीदास महंत, मंगलू साहू सहित वरिष्ठजनों का शाल, श्रीफल से सम्मान किया गया।
मंगल भवन अमंगल हारी’ से शुरू हुआ भजनों का सफर
भजन गायक नीलम सिंह यादव ने ‘मंगल भवन अमंगल हारी’ से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की। इसके बाद ‘कांधे पर दो वीर बिठाकर चले वीर हनुमान’, ‘सुनो रे राम कहानी’ सहित कई भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भक्तिरस में डुबो दिया। कार्यक्रम के अंत में ‘नारायण दीनदयाल हरे’ और ‘आरती श्री रामायण जी की’ के साथ भजन संध्या का समापन हुआ। रामायण गायन का शुभारंभ और आरती के साथ स्वस्ति वाचन के साथ समापन आचार्य विनोद कुमार पांडेय, सुनील कुमार तिवारी द्वारा संपन्न कराया गया। यजमान के रुप में श्रीमती शारदा-सूरज मिश्रा, (जमराव बाड़ा), श्रीमती सरिता महेन्द्र उपाध्याय (बिरकोना) एवं श्रीमती ज्योति अभिषेक दुबे (जांजगीर) शामिल हुए।



