ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, बनारी, जांजगीर में संस्था संचालक आलोक अग्रवाल, डॉ. गिरिराज गढ़ेवाल एवं संस्था की प्राचार्य श्रीमती सोनाली सिंह के नेतृत्व स्कूल स्वास्थ्य और कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत जीवन कौशल एवं प्राथमिक उपचार से संबंधित विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक सहायता प्रदान करने तथा जीवन कौशल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी से जागरूक करना था। कार्यशाला में चांपा मिशन हॉस्पिटल के फील्ड प्रोग्राम ऑफिसर जेनिफर मनी एवं इंस्ट्रक्टर छोटेलाल बरेठ ने प्रशिक्षक के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम में कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।








कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय परिवार की ओर से आए हुए अतिथियों का बैज लगाकर एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। इसके पश्चात प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आपातकालीन परिस्थितियों में सही समय पर उचित सहायता प्रदान करने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान सीपीआर (CPR) के महत्व एवं उसकी प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझाया गया। दुर्घटना अथवा अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को किस प्रकार सीपीआर दिया जाए, कृत्रिम श्वसन कैसे दिया जाए तथा वयस्कों और बच्चों को सीपीआर देने की प्रक्रिया में क्या अंतर होता है, इसकी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही, छाती पर कितनी बार और किस प्रकार कंप्रेशन (Compression) देना चाहिए, इसकी भी जानकारी एवं प्रदर्शन किया गया। कार्यशाला में दैनिक जीवन में सामने आने वाली विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों जैसे बच्चों के गले में वस्तु फंस जाना, नाक से रक्तस्राव होना तथा दुर्घटना के समय प्राथमिक उपचार देना आदि विषयों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को बताया गया कि ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय शांत रहकर सही प्राथमिक उपचार प्रदान करना और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना कितना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा प्रशिक्षकों ने । Automated External Defibrillator अर्थात ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर के उपयोग एवं उसकी कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी दी। आपातकालीन स्थिति में मेडिकल किट का उचित उपयोग कैसे किया जाए, इस संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को न केवल प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन सहायता के प्रति जागरूक किया गया, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करने और मानवीय संवेदनशीलता के साथ आगे आने के लिए भी प्रेरित किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि आपातकालीन स्थिति में सही समय पर उठाया गया एक छोटा-सा कदम किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा दोनों अतिथियों को भेंट एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार ने प्रशिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।



