ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, बनारी जांजगीर के छात्र-छात्राओं का हुआ सिरपुर शैक्षणिक भ्रमण

जांजगीर-चाम्पा. 2 जनवरी रविवार को ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल बनारी जांजगीर के शिक्षकों ने तुरतुरिया, बारनवापारा व सिरपुर मे शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन विद्यालय के निदेशक आलोक अग्रवाल एवं प्राचार्य श्रीमती सोनाली सिंह के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
शैक्षणिक भ्रमण का पहला पडाव तुरतुरिया में स्थित वाल्मीकि आश्रम रहा जहां सभी ने थोड़ा विश्राम कर लव-कुश की जन्मस्थली का अवलोकन किया तत्पश्चात बारनवापारा वन्य जीव अभ्यारण की यात्रा करते हुए प्रकृति व वन्य जीवन को निकटता से जानने का अवसर मिला। वन की यात्रा रोमांच से भरपूर थी।सिरपुर के ह्वेन सांग छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड में दोपहर का भोजन कर समस्त जन सिरपुर भ्रमण के लिए अग्रसर हुए। ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल के प्रबंधन समिति के सदस्य, प्राचार्य, शिक्षक व अन्य कर्मचारीगण व उनके परिवार के सदस्य भ्रमण में सम्मिलित हुए एवं विशेष रूप से कौटिल्य ऐकेडमी इंदौर के गगन अवस्थी (कैरियर कांउसलर, मनोवैज्ञानिक), के. कृष्ण कुमार (मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ) सह पत्नी उपस्थित रहे।



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इस शैक्षणिक भ्रमण का प्रमुख उद्देश्य छत्तीसगढ़ (दक्षिण कौशल) के संस्कृतिक विरासत एवं धरोहर में से एक स्थान सिरपुर, जो कि कसडोल से 22 कि.मी. एवं बारनवापारा अभ्यारण के समीप है जो कि छत्तीसगढ़ एवं देश-विदेश से पर्यटक आते रहते है। इसी तारतम्य में ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल जांजगीर द्वारा सिरपुर की संस्कृति, ऐतिहासिक स्मारकों, कला एवं अन्य पुरातत्व व प्राचीनकालीन अवशेषों के अवलोकन हेतु शैक्षणिक भ्रमण का कार्यक्रम रखा गया। महानदी के तट पर बसे सिरपुर दक्षिण कौशल के सोमवंशी राजाओं की राजधानी थी जहां छठवीं से दसवीं शताब्दी में बौद्ध धर्म के अनुयायिओं का मुख्य केन्द्र रहा। 7वीं शताब्दीं में ह्वेन सांग नामक चीनी तीर्थ यात्री ने भ्रमण किया था।

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यहां भगवान बुद्ध के निर्वाण पथ से संबंधित अनेक पुराकालीन पाषाण प्रतिमाएं स्थापित है। सिरपुर में 22 शिवमंदिर, 4 विष्णु मंदिर, 10 बौद्ध विहार, 3 जैन विहार, आयुर्वेदिक उपचार केन्द्र एवं छठवीं शताब्दी का आयुर्वेदिक स्नान कुण्ड एवं अद्वितीय नक्काशीदार इंटों से निर्मित लक्ष्मण मंदिर, गंडेश्व मंदिर यहां कि कला एवं संस्कृति को प्रमाणित करते है। सन् 2013 में भी दलाईलामा ने यहां भ्रमण किये। पुराकालीन राजमहल के अवशेष यहां सुरक्षित है।

सिरपुर धातु के मूर्ति के निर्माण के लिए भी प्रसिद्ध है।इन सभी प्राचीन सभ्यता व संस्कृति का ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल बनारी जॉंजगीर के शिक्षकों द्वारा बहुत ही बारीकी से अध्ययन किया गया ताकि भविष्य में बच्चों को इसके बारे में विस्तार से बताया जा सके.

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