इस वजह से आमिर खान ने जूही चावला से नहीं की 7 सालों तक बात, फिल्म ‘इश्क’ की शूटिंग पर…

सुपरहिट फिल्म से बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत करने वाले आमिर खान  ने जूही चावला से करीब छह-सात साल तक बात नहीं की थी। जैसा कि हम सभी जानते हैं आमिर और जूही 90 के दशक के सुपर हिट जोड़ियों में से एक थे, आमिर खान ने सुपरहिट फिल्म ‘कयामत से बॉलीवुड में डेब्यू किया तो जूही चावला ने फिल्म सल्तनत से फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू किया था। इसके बाद दोनों ने कई हिट फिल्में साथ कीं।

 



जब आमिर और जूही की हुई थी लड़ाई
जूही चावला से हुई अपनी लड़ाई को याद करते हुए आमिर खान ने बताया, फिल्म ‘इश्क’ की शूटिंग के दौरान हमारी छोटी सी बहस हो गई थी। लड़ाई छोटी थी लेकिन मुझे लगता है, उस दौरान मैं थोड़ा घमंडी था। मैंने फैसला किया कि मैं जूही से कभी बात नहीं करूंगा। सेट्स पर भी मैं उससे दूरी बनाए रखता। मुझे नहीं पता कि मैंने ऐसा क्यों किया।

इसे भी पढ़े -  ग्रेट प्लेस टू वर्क द्वारा वेदांता को भारत के शीर्ष 100 सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों में स्थान, वेदांता के कार्यबल में 23 प्रतिशत महिलाएं, लगभग 100 ट्रांसजेंडर कर्मचारी और पिछले 5 वर्षों में ESOP के माध्यम से कर्मचारियों के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ की संपत्ति (वेल्थ) का सृजन

शूट पर जूही से 50 फीट दूर बैठते थे आमिर
आमिर खान ने आगे कहा, ‘जब वह आती और मेरे पास बैठती तब भी मैं बाहर निकल जाता। हंसते हुए आमिर ने कहा, मैं जूही से कम से कम 50 फीट दूर बैठता था। मैंने कभी भी उनके अभिवादन का जवाब नहीं दिया, ना ही कभी मैंने पहल की। सिर्फ शूटिंग के समय हमारा बात करना जरूरी था, तो मैं सिर्फ प्रोफेशनली जूही से बात करता था।’ एक्टर ने कहा, ‘हमने करीब छह-सात साल तक बात नहीं की। लेकिन जब 2002 में रीना दत्ता संग मेरे तलाक की खबर मिली तब उन्होंने मुझे फोन किया और मिलने के लिए कहा।’

इसे भी पढ़े -  वेदांता ने एक दशक में सरकारी खजाने में करीब 5 लाख करोड़ का दिया योगदान, वेदांता ग्रुप देश के खजाने में योगदान देने वाले भारत के टॉप 3 प्राइवेट सेक्टरों में से है एक

पत्नी से तलाक होने के बाद आमिर को किया फोन
आमिर बताते हैं, ‘जूही शुरू से ही मेरे और रीना के करीब रही थी, वह हमारे मतभेदों को सुलझाना चाहती थी। जूही को शायद पता था कि मैं उसका फोन शायद ना उठाऊं, लेकिन फिर भी उसने मुझे फोन किया। इस बात ने मुझे छू लिया और मैं जानता था कि हमारी दोस्ती कभी टूटी नहीं थी। हम शायद बात नहीं करते थे लेकिन एक दूसरे का ख्याल फिर भी रखते थे।

इसे भी पढ़े -  वेदांता ने एक दशक में सरकारी खजाने में करीब 5 लाख करोड़ का दिया योगदान, वेदांता ग्रुप देश के खजाने में योगदान देने वाले भारत के टॉप 3 प्राइवेट सेक्टरों में से है एक
error: Content is protected !!