UPSC: ब्रेकअप बना इस IAS की जिंदगी का टर्निंग पॉइंट! यूपीएससी में 5वीं रैंक हासिल कर किया कमाल…एग्जाम क्रैक करने के दिये Tips

IAS Shashank Tripathi: सिविल सर्विस परीक्षा 2016 में ऑल इंडिया 5वीं रैंक हासिल करने आईएएस शशांक त्रिपाठी (IAS Shashank Tripathi) ने एक इंटरव्यू में खुद बताया कि उन्होंने ब्रेकअप होने के बाद यूपीएससी (UPSC) की तैयारी शुरू की थी. ब्रेकअप उनकी जिंदगी में नया मोड़ लाया था. उसके बाद से उन्होंने मुड़कर नहीं देखा और फिर यूपीएससी की परीक्षा पास करके ही दम लिया. आईएएस शशांक त्रिपाठी इस वक्त यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पेशल सेक्रेटरी हैं. आईएएस शशांक त्रिपाठी आईआईटी कानपुर के पढ़े हुए हैं और कानपुर के ही रहने वाले हैं. आइए जानते हैं कि आईएएस शशांक त्रिपाठी सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी कैसे की थी?



ब्रेकअप था जिंदगी का टर्निंग पॉइंट

यूट्यूब चैनल अनएकेडमी को दिए इंटरव्यू में आईएएस शशांक त्रिपाठी ने बताया था कि ब्रेकअप उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट था. इसी के बाद उन्होंने सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी शुरू की थी. ब्रेकअप के बाद उनको ये एहसास हुआ था कि अब तक जिंदगी में बहुत छोटी चीजों के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं. इनसे ऊपर उठना चाहिए.

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तैयारी के दौरान मोटिवेशन कैसे बनाएं रखें?

आईएएस शशांक त्रिपाठी ने कहा कि तैयारी के दौरान आपका मोटिवेशन ऐसा होना चाहिए जो आपको उससे कनेक्ट कर सके, जो आप कर रहे हो. वर्ना लोग तो सामाजिक प्रतिष्ठा, दहेज और ना जाने किन-किन चीजों के लिए तैयारी करते हैं. लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि ये स्थाई नहीं रहती हैं. कुछ महीनों में ही आप ऊब जाएंगे.

हिंदी माध्यम से तैयारी पर क्या कहा?

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हिंदी मीडियम के अभ्यर्थियों के लिए उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि परीक्षा के लेवल पर कोई समस्या है. प्रॉब्लम कंटेंट की उपलब्धता को लेकर है. एग्जाम बहुत डायनेमिक हो चुका है. आजकल इंटरनेट की बहुत जरूरत पड़ती है. हिंदी की चीजें किताब में तो मिल जाती हैं लेकिन इंटरनेट पर नहीं मिलती हैं. लेकिन इन चीजों से भी पार पाया जा सकता है. कई लोगों ने हिंदी मीडियम से ही परीक्षा पास की हैं.

आईएएस शशांक त्रिपाठी ने कहा कि प्रीलिम्स और मेन्स का सिलेबस लगभग एक ही है. दोनों को अलग-अलग करके नहीं पढ़ना चाहिए. उसी चीज की डिटेल्स प्रीलिम्स में पूछी जाती हैं और उसके कॉन्सेप्ट मेन्स में पूछे जाते हैं. प्रीलिम्स से पहले रिवाइस करने का 3 महीने का टाइम पर्याप्त होता है.

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