सक्सेस स्टोरी : अतिसंवेदनशील का बेटा बना IPS, थाने की टेबल पर हैप्पी रीडिंग लिखना, बड़े-बड़े माफिया के लिए है खतरे का दूसरा नाम. पढ़ने योग्य कहानी..

Success Story : माफिया अतीक अहमद का साम्राज्य ध्वस्त करने के बाद से यूपी के एक आईपीएस अफसर का नाम हर किसी के जबान है. यह नाम है आईपीएस अमिताभ यश का. अमिताभ यश का नाम माफियाओं के बीच खौफ का पर्याय है. हाल ही में यूपी एसटीएफ ने गैंगेस्टर अनिल दुजाना को भी मार गिराया है. 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अमिताभ यश कुख्यात डकैत ददुआ और ठोकिया जैसों को भी ठिकाने लगा चुके हैं.

 



 

 

 

आईपीएस अमिताभ यश ने करीब पांच साल पहले एक निजी न्यूज वेब पोर्टल को इंटरव्यू दिया था. जिसमें उन्होंने अपने परिवा और बचपन के बारे में कई बातें बताई थी. उन्होंने इस इंटरव्यू में बताया था कि उनकी पढ़ाई की शुरुआत पुलिस स्टेशन में ही हुई थी.

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अमिताभ यश के पिता और ससुर भी रहे हैं आईपीएस

आईपीएस अमिताभ यश के पिता भी आईपीएस थे. वह डीआईजी के पद से रिटायर हुए थे. इसके अलावा उनके ससुर भी आईपीएस अधिकारी रहे हैं. अमिताभ यश यह भी बता चुके हैं कि उन्होंने पढ़ना-लिखना पुलिस स्टेशन की टेबल पर सीखा था. थाने के लोगों ने ही उन्हें अक्षर ज्ञान कराया था. वह इंटरव्यू में बताते हैं कि मुझे थाने में बैरक का खाना मिलता था. पुलिस से मेरा जुड़ाव बचपन से ही रहा है.

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पिता रखना चाहते थे पुलिस से दूर

अमिताभ यश इंटरव्यू में बताते हैं कि उनके आईपीएस पिता ने उन्हें पुलिस से दूर रखने की हर संभव कोशिश की. लेकिन जब मैं पुलिस सर्विस में आया तो उन्हें मुझे पुलिस की विधाएं सिखाई.

 

 

 

आईआईटी कानपुर से ली है मास्टर्स की डिग्री

आईपीएस अमिताभ यश का जन्म बिहार के भोजपुर जिले में हुआ था. उनकी पढ़ाई पटना से हुई है. इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन और आईआईटी कानपुर से केमिस्ट्री में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. इसके बाद वह 1996 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस बने.

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