संघर्ष सादगी और सामाजिक सरोकार की अमिट पहचान चांपा समाजसेवी स्वर्गीय रोशनलाल ऐरन अग्रवाल की पुण्यतिथि

चांपा. समय निरंतर गतिमान है परिस्थितियां बदलती रहती हैं पर कुछ मूल्य और व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो हर युग में शाश्वत बने रहते हैं ,
समाजसेवी स्वर्गीय रोशनलाल ऐरन अग्रवाल ऐसे ही व्यक्तित्व थे जिनकी पुण्यतिथि पर चांपा सहित समूचा समाजपरिवार उन्हें श्रद्धा पूर्वक स्मरण कर रहा है वे भौतिक रूप से आज हमारे बीच नहीं हैं पर उनका संघर्ष उनकी जिजीविषा और समाजपरिवार के प्रति समर्पण आज भी जीवित है ,
डागा कॉलोनी बरपाली चौक चांपा निवासी स्वर्गीय रोशनलाल ऐरन अग्रवाल 3 मार्च 2025 को जीवन और मृत्यु के संघर्ष के बीच हमसे विदा हो गए महादेव के परम भक्त सादगीपूर्ण जीवनशैली सफेद पायजामा-बनियान और सीधा-साधा व्यक्तित्व उनकी पहचान थी उनकी कार्यशैली में सहजता स्पष्टता और सेवा भाव झलकता था उनकी भाषा में हरियाणवीं मारवाड़ी ठेठपन और हिंदी की आत्मीयता का अनोखा संगम था जो हर मिलने वाले को अपनापन महसूस कराता था.

 



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समाजसेवा उनके लिए दिखावा नहीं बल्कि जीवन का स्वाभाविक कर्तव्य था वे जरूरतमंदों के सुख-दुख में सहभागी रहते बिना किसी अपेक्षा के सहयोग करते और समाजपरिवार को जोड़ने का कार्य करते रहे उनके विचार और कर्म आज भी समाजपरिवार के लिए मार्गदर्शक हैं ,
कहा जाता है कुछ लोग स्मृति नहीं बनते वे चेतना बन जाते हैं स्वर्गीय रोशनलाल ऐरन अग्रवाल ऐसे ही व्यक्तित्व थे ऐसे लोग कभी नहीं मरते वे समाजपरिवार की चेतना बनकर सदैव जीवित रहते हैं हरि ओम !!

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