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युवा आभास मधुकर के साथ छ्ग के अलग-अलग जिलों के 20 दोस्तों ने मिलकर गाया ‘अरपा पैरी के धार’, लॉकडाउन का पालन करते गाया गीत, खूब पसंद कर रहे हैं लोग

जांजगीर चाम्पा. जिले के उभरते संगीतकार ने छत्तीसगढ़ के राजगीत ‘अरपा पैरी के धार’ गाना को घर पर रहकर लाकडाउन पालन करते हुए रिकम्पोज़ किया है, जिसमें 20 मित्रों को साथ लिया है, जो कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में निवास करते हैं. इन सब ने साथ मिलकर जांजगीर-चाम्पा जिले के रहने वाले आभास मधुकर की कल्पना को सुरों में पिरोया है. इन सभी को साथ लेकर आभाष मधुकर ने सप्ताह भर की मेहनत के बाद अरपा पैरी के धार गाना को रिकम्पोज़ किया है। आपको बता दें कि आभास, बचपन से ही पत्रकारिता और गाना गाने में रुचि रखते हैं. उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता व संगीत की डिग्री प्राप्त की है। अरपा पैरी के धार गाने को आभास मधुकर ने अपने 19 दोस्तों के साथ मिलकर सभी के शुरू में पिरोया है.


इस वीडियो को अवश्य यूट्यूब सहित अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित भी किया है, जिसे लोगों के द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। आपको बता दे कि आभाष अभी घर पर रहकर और भी कुछ नया करने की सोच रहे है, ताकि लोगो जो लॉकडाउन में रहकर बोर हो रहे है, उन लोगो मनोरंजन किया जा सके।
आगे आभास ने यह भी संदेश दिया कि कोरोनो संक्रमण जो लोग अपने घरों में रहे और अपने स्वास्थ्य और आसपास के वातावरण को साफ रखें बात कही है। किसी तरह का संक्रमण की समस्या उत्पन्न ना हो. इस वजह से लोग घरों में रहकर अपना ख्याल रखें, सरकार के नियमों का पालन करें।
20 कलाकारों ने नए तरीके से गाया ‘अरपा पैरी के धार’
लॉक डाउन के बीच छत्तीसगढ़ के युवा कलाकारों ने एक नई मिसाल कायम की है। जांजगीर-चाम्पा जिले के अमोरा के निवासी आभास मधुकर के निर्देशन में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों जैसे रायपुर, धमतरी, राजीम, महासमुंद, जांजगीर, जशपुर, बेमेतरा, बलौदाबाजार, अंबिकापुर से अन्य 19 युवा कलाकारों ने अपने घर में रहकर छत्तीसगढ़ के राज गीत अरपा पैरी के धार को फोन में रिकॉर्ड कर अत्याधुनिक तरीके से गाया है। इसके निर्देशक आभास मधुकर ने बताया कि हमारे संगीत गुरु दीपक बेडेकर, लॉक डाउन के नियमो को पालन करते हुए अपने घर में रहकर अनेक संगीत संबंधित प्रयोग कर रहे हैं, जिसे देखकर मैंने भी इसी तरह से छत्तीसगढ़ के राजगीत को अत्याधुनिक प्रयोग कर बनाने की सोची और सप्ताह भर के मेहनत करने के बाद अपने संगीतकार मित्रों के साथ मिलकर यह गाना को प्रीकंपोज किया है। रायपुर के मिक्सबस स्टूडियो के संचालक सजल डटसेना और मोहन चर्लेवार  ने पूरे वीडियो को संग्रहित कर नई धुन संबोधित किया है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं जो अलग-अलग सोशल साइट पर वायरल भी हो रहा है।

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