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फसल गिरदावरी शत-प्रतिशत एवं सटीक हो : मुख्यमंत्री, गिरदावरी के लिए मोबाइल एप तैयार, भूमि नक्शे के जियो रिफ्रेसिंग पर तत्परता से कार्रवाई के निर्देश, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के काम-काज की समीक्षा के दौरान आगामी खरीफ सीजन के मद्देनजर शत-प्रतिशत और सटीक गिरदावरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि गिरदावरी में कोताही और रिपोर्ट में गड़बड़ी हरगिज बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को किसानों की धारित भूमि और विभिन्न प्रकार की बोयी गई फसलों की वास्तविक रिपोर्ट तैयार करने के लिए मैदानी अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने भूमि के नक्शे के जियो रिफ्रेसिंग के संबंध में भी अधिकारियों को तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे राजस्व विभाग को कई मामलों में सहूलियत होगी। जियो रिफ्रेसिंग के माध्यम से अतिक्रमित भूमि का चिन्हांकन, भू-अर्जन की वास्तविक जानकारी, सीमांकन एवं सभी भू-खंडों के जियो कोआर्डिनेट सहजता से उपलब्ध हो सकेंगे। बैठक में नामंतरण की प्रक्रिया को सरलीकृत किए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामंातरण पंजी को ऑनलाइन करने के साथ ही इसके लिए आनलाइन आवेदन की सुविधा भी लोगों को मिलनी चाहिए। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, ई-कोर्ट, राजस्व प्रकरणों के निराकरण, रियायती एवं गैर रियायती पट्टों के वितरण की अद्यतन स्थिति, पर्यावरण उपकर एवं अधोसंरचना विकास उपकर के उपयोग की भी समीक्षा की गई।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बताया कि राज्य के 20 हजार 529 गांव में से 20 हजार 86 के खसरे को तथा 19 हजार 739 गांवों के नक्शे को ऑनलाइन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि भूमि बंटन, व्यवस्थापन, फ्री होल्ड किए जाने हेतु राज्य में संचालित अभियान के अंतर्गत अब तक 1319 करोड़ रूपए के लक्ष्य के विरूद्ध 49.23 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया है। मुख्यमंत्री ने बैठक में उपस्थित मुख्य सचिव आर.पी. मंडल को सभी जिला कलेक्टरों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा। राजस्व मंत्री ने बताया कि इस अभियान के तहत भूमिबंटन के 4015 प्रकरण, व्यवस्थापन के 3037, फ्री होल्ड के 1318 इस प्रकार कुल 8370 प्रकरण लंबित हैं। इनके निराकरण से लगभग 400 करोड़ रूपए का राजस्व संभावित है। गृह निर्माण समिति को आबंटित भूमि, आबादी पट्टा भूमि सहित अन्य आबंटित पट्टा को गैर रियायती में शामिल किए जाने के मंत्री श्री अग्रवाल के प्रस्ताव के साथ ही व्यवस्थापन एवं फ्री होल्ड के मामले में स्टाम्प ड्यूटी एवं रजिस्ट्रेशन फीस में नियमानुसार छूट देने पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई।
बैठक में सचिव सुश्री रीता शाडिल्य ने बताया कि पंजीयन कार्यालय से सूचना के आधार पर 93 प्रतिशत प्रकरणों में नामांतरण की प्रक्रिया जारी है तथा 92 प्रतिशत अभिलेख दुरूस्तीकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी खरीफ फसल की गिरदावरी 30 सितंबर तक पूरा करने तथा 15 अक्टूबर तक दावा आपत्ति का निराकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गिरदावरी के लिए मोबाइल एप भी तैयार किया गया है। बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, मुख्य सचिव आर.पी.मंडल, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव राजस्व सुश्री रीता शांडिल्य, सचिव पंजीयन वाणिज्यिक कर श्रीमती पी. संगीता, महानिरीक्षक मुद्रांक एवं पंजीयन धर्मेश साहू, संचालक भू-अभिलेख रमेश शर्मा सहित उप सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय सुश्री सौम्या चौरसिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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