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स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 : 25 हजार से कम जनसंख्या की श्रेणी में सारागांव का रैंक-03, 25 से 50 हजार की जनसंख्या में नगरपालिका चांपा को 05 वां और अकलतरा को 74 वां रैंक, छत्तीसगढ़ के सभी शहर ओडीएफ डबल प्लस की श्रेणी में

जांजगीर-चांपा. भारत सरकार आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के परिणाम आज घोषित किए गए, जिसमें छत्तीसगढ़ ने देश के बड़े राज्यों को पछाड़ते हुए स्वच्छ सर्वेक्षण में फिर से एक बार देश के स्वच्छतम राज्य होने का दर्जा प्राप्त किया है।
स्वच्छता सर्वेक्षण में जिले की नगर पंचायत सारा गांव को 25 हजार से कम आबादी वाली श्रेणी में तीसरा रैंक हासिल हुआ है वहीं जांजगीर-चांपा जिले ने भी अच्छा रैंक हासिल किया है। वहीं 25 से 50 हजार की जनसंख्या की श्रेणी में नगर पालिका परिषद चांपा को 5 वां अकलतरा को 74 वां रैंक मिला है।
केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित वर्चुअल ऑनलाइन पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री आवास से केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हाथों यह पुरस्कार मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्राप्त किया।
ऑनलाइन तरीके से पहली बार यह राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किये गए। पुरस्कार वितरण के दौरान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय मंत्री श्री पुरी को छत्तीसगढ़ में चलाई जा रही गोधन न्याय योजना और गोबर खरीदी के विषय में जानकारी दी। जिसे केंद्रीय मंत्री श्री पुरी ने छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना एवं गोबर क्रय योजना को ‘वेस्ट टू वेल्थ‘ का अच्छा कमर्शियल मॉडल बताते हुए भूरि-भूरि प्रशंसा की और अन्य राज्यों के लिए इसे अनुकरणीय बताया।
इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने नगरीय निकायों एवं प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए इसी प्रकार अपना सहयोग आगे भी देते रहने का आवाहन किया।
उल्लेखनीय है कि स्वच्छता में प्रदेश को नंबर वन बनाने के लिए सभी शहरों में कार्यरत स्वच्छता दीदियो, स्वच्छता कमांडो, अधकिारियों एवं कर्मचारियों का अभूतपूर्व योगदान है। इसके साथ ही जनभागीदारी द्वारा लोंगों ने भी सर्वेक्षण में अपनी अहम भूमिका निभाई। विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं जैसे मिशन क्लीन सिटी, स्वच्छता श्रृंगार, सुविधा 24, एफएसटीपी प्रबंधन, निदान 1100 एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को जागरूक किया गया और छत्तीसगढ़ की शहरी जनता ने अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर प्रदेश को स्वच्छता के शिखर पर पहुंचाया।

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