पाकिस्तान में कैद जिले के युवक की हुई रिहाई, 6 साल से परिजन लगा रहे थे गुहार, बॉर्डर पार कर गया था युवक, पढ़िए… पूरी खबर…

जांजगीर-चाम्पा. मालखरौदा क्षेत्र के पिहरीद गांव का घनश्याम जाटवर, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में कैद था, जिसकी रिहाई हो गई है. पाकिस्तान से युवक घनश्याम जाटवर, अमृतसर पहुंच गया है.
जिले की एसपी पारुल माथुर ने बताया कि 6 साल से परिजन, रिहाई के लिए गुहार लगा रहे थे. 2-3 दिन में जिले से राजस्व अधिकारी, पुलिस की टीम, परिजन के साथ अमृतसर जाएगी और युवक को लेकर वापस आएगी. युवक घनश्याम जाटवर के परिवार के लोग, इस सूचना के बाद बेहद खुश हैं.
दरअसल, जिले के मालखरौदा क्षेत्र के पिहरीद गांव के सम्मेलाल जाटवर, अपने परिवार के साथ साल 2014 में जम्मू के नवाशहर के ईंट भट्ठे में कमाने-खाने गए थे. यहां युवक घनश्याम लापता हो गया. परिजन ने काफी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चलने पर वे वापस अपने गांव पिहरीद आ गए.
इस बीच परिजन को पता चला कि युवक घनश्याम, बीएसएफ कैम्प अमृतसर में है. जब परिजन वहां पहुंचे तो बीएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि युवक ने बॉर्डर पार कर लिया है और पाकिस्तान पहुंच गया है.
इसके बाद परिजन ने सरकार से गुहार लगाई, लेकिन युवक का पता नहीं चला.
2 साल पहले तात्कालीन सांसद कमला पाटले ने तात्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को चिट्ठी लिखकर परिजन की गुहार से अवगत कराया था, जिसके बाद युवक के पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने की जानकारी सामने आई थी.
अब परिजन के लिए खुशी की खबर है कि युवक घनश्याम जाटवर की पाकिस्तान से रिहाई हो गई है. युवक घनश्याम जाटवर के भाई सुशील जाटवर ने बताया है कि पुलिस से सूचना मिली है, जिसके बाद परिवार के लोग बेहद खुश हैं.

 



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एसपी पारुल माथुर ने बताया कि युवक घनश्याम जाटवर की रिहाई पाकिस्तान से हो गई है. युवक अमृतसर पहुंच गया है. 2-3 दिन में जिले से राजस्व अधिकारी, पुलिस की टीम यहां से परिजन को लेकर अमृतसर रवाना होगी और युवक घनश्याम जाटवर को लेकर आएगी.

प्रधानमंत्री से परिजन ने लगाई थी गुहार
युवक घनश्याम की रिहाई के लिए परिजन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी गुहार लगाई थी. गुहार के साल भर बाद आखिरकर वह पल आ ही गया, जिसका इंतजार बरसों से परिजन कर रहे थे. अपने बेटे के इंतजार में मां की आंखें पथरा गई थी. अब, 6 साल बाद अपने जिगर के टुकड़े से परिवार मिल सकेगा. 

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