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एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा ‘मैन ऑफ़ द सीरीज’ का अवार्ड जीतने वाले 10 खिलाड़ी

क्रिकेट के खेल में मैन ऑफ द सीरीज सबसे बड़े अवार्ड में गिना जाता है. यह अवार्ड किसी भी सीरीज में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है. हर टेस्ट, वनडे या टी-20 सीरीज या टूर्नामेंट के बाद खिलाड़ियों को यह अवार्ड दिया जाता है. वनडे में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द सीरीज अवार्ड जीतने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है, तो टेस्ट में यह मुथैया मुरलीधरन के नाम.

आज हम आपको उन 10 खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड जीता है.

रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया)

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग का नाम इस लिस्ट में शुमार ना हो ऐसा भला कैसे हो सकता है. एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा ‘मैन ऑफ़ द सीरीज’ का अवार्ड जीतने के मामले में रिकी पोंटिंग 10वें पायदान पर आते है.

सन 1995 से साल 2012 तक वनडे क्रिकेट खेलने वाले रिकी पोंटिंग ने 375 एकदिवसीय मैचों में कुल 7 बार ‘मैन ऑफ़ द सीरीज’ का अवार्ड जीतकर अपने नाम किया. अपनी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया दो 50-50 ओवर विश्व कप के साथ कई बड़े टूर्नामेंट जीताने वाले रिकी पोंटिंग का नाम विश्व क्रिकेट में बहुत बड़ा रहा.

रिकी पोंटिंग ने 375 वनडे मैच खेले और इस दौरान 42.03 के औसत और 80.39 के स्ट्राइक रेट के साथ कुल 13,704 रन बनाने में सफल रहे. इस प्रारूप में पोंटिंग के नाम पर 30 शतक और 82 अर्द्धशतक भी दर्ज हैं. आज भी रिकी पोंटिंग ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा एकदिवसीय रन बनाने वाले बल्लेबाज है.

सौरव गांगुली (टीम इंडिया)

टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज कप्तान और मौजूदा समय में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली का नाम इस सूची में नौवें पायदान पर आता हैं. अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को साल 2003 के फाइनल तक ले जाने वाले सौरव गांगुली ने वनडे क्रिकेट में कुल सात बार ‘मैन ऑफ़ द सीरीज’ का अवार्ड जीतकर अपने नाम किया.

47 वर्षीय सौरव गांगुली ने अकेले अपने दम पर भारतीय क्रिकेट टीम को कई मुकाबलें जीताए है. अपनी अद्दभुत बल्लेबाजी और गेंदबाजी से ना जाने कितनी बार प्रिंस ऑफ कोलकाता टीम इंडिया की जीत के नायक बने.

अपने पूरे करियर में सौरव गांगुली ने कुल 311 एकदिवसीय मैच खेले और वह इस दौरान 41 के औसत से 11,363 रन बनाने में सफल रहे. सौरव गांगुली टीम इंडिया के लिए सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने के मामले में तीसरे स्थान पर आते हैं. दादा के नाम पर 22 शतक और 72 अर्द्धशतक के साथ इस फॉर्मेट में 100 विकेट लेने का कीर्तिमान भी दर्ज है.

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युवराज सिंह (टीम इंडिया)

पिछले साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले सिक्सर किंग के नाम से मशहूर युवराज सिंह का नाम भी इस सूची में शुमार है. टीम इंडिया के दिग्गज ऑल राउंडर रहे युवराज सिंह ने एक लम्बे अर्से तक विश्व क्रिकेट पर एक युवराज की तरह राज किया.

साल 2000 से 2017 तक के बीच कुल 304 एकदिवसीय मुकाबले खेलने वाले युवराज सिंह ने सात बार ‘मैन ऑफ़ द सीरीज’ का खिताब अपने नाम किया. साल 2011 में देश को 28 साल बाद विश्व कप जीताने में सबसे बड़ी भूमिका अदा करने वाले युवराज सिंह को टूर्नामेंट के अंत में ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज’ का खिताब से भी सम्मानित किया गया था.

युवराज सिंह ने 304 वनडे मैचों में 36.55 की औसत और 87.67 के स्ट्राइक रेट के साथ 8701 रन बनाये. इस प्रारूप में युवी के नाम पर 14 शतक और 52 अर्द्धशतक भी दर्ज है. युवराज सिंह टीम इंडिया के बहुत बड़े मैच विनर खिलाड़ियों में से एक रहे हैं.

हाशिम अमला (दक्षिण अफ्रीका

विश्व कप 2019 के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले स्टाइलिश बल्लेबाज हाशिम अमला का नाम भी इस विशेष सूची में शुमार हैं. लगभग 11 सालों तक वनडे क्रिकेट खेलने वाले हाशिम अमला ने सात बार ‘मैन ऑफ़ द सीरीज’ के अवार्ड को जीतकर अपने नाम किया.

दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी का मुख्य स्तंब रहे हाशिम अमला ने 181 वनडे मैच खेले और इस दौरान वह लगभग 50 की दमदार औसत के साथ 8,113 रन बनाने में कामयाब रहे. 36 वर्षीय हाशिम अमला के नाम पर एकदिवसीय क्रिकेट में 27 शतक और 39 अर्द्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी दर्ज हैं.

सर विवयन रिचर्ड्स (वेस्टइंडीज)

इस सूची में सबसे अगला नाम वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और विश्व के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में शुमार सर विवयन रिचर्ड्स का आता हैं. 70 और 80 दशक में गेंदबाजों की नाम में दम करने वाले विव रिचर्ड्स ने वनडे में कुल 187 मुकाबलें खेले और इस दौरान वह सात बार ‘मैन ऑफ़ द सीरीज’ का अवार्ड जीतने में सफल रहे.

आप सभी की जानकारी के लिए बता दे, कि वेस्टइंडीज को सन 1975 और 1979 का विश्व कप जीताने में विवयन रिचर्ड्स ने सबसे अहम भूमिका अदा की थी. विव रिचर्ड्स ने विंडीज के लिए कुल 187 वनडे मैच खेले और इस दौरान उनके बल्ले से 47 की औसत और 90.20 के स्ट्राइक रेट के साथ 6721 रन आये. एकदिवसीय में विवयन रिचर्ड्स के नाम पर 11 शतक और 45 अर्द्धशतक भी दर्ज रहे.

क्रिस गेल (वेस्टइंडीज)

यूनिवर्स बॉस के नाम से मशहूर क्रिस गेल का नाम इस सूची में शुमार ना हो ऐसा भला कैसे संभव हैं. अपनी आतिशी बल्लेबाजी और अपने मजाकिया अंदाज से खेल प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले क्रिस गेल ने वनडे क्रिकेट में आठ बार ‘मैन ऑफ द सीरीज’ का अवार्ड जीतकर अपने नाम किया.
सन 1999 में अपने एकदिवसीय करियर का आगाज करने वाले क्रिस गेल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी तक 301 वनडे मैच खेले है और लगभग 38 की औसत और 87.19 के स्ट्राइक रेट के साथ 10,480  रन बनाये हैं.

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क्रिस गेल ने ना सिर्फ अपनी दमदार बल्लेबाजी से कई दफ़ा अपनी कमाल की स्पिन गेंदबाजी से भी वेस्टइंडीज को काफी सारे मुकाबलें जीताये हैं. 301 एकदिवसीय मैचों में गेल के नाम पर 167 विकेट दर्ज है. अनुमान लगाया जा रहा था, कि विश्व कप 2019 के बाद क्रिस गेल अपने अंतरराष्ट्रीय पर ब्रेक लगा देगे, लेकिन अभी तक उन्होंने इसके बारे में कोई भी निर्णय नहीं लिया है.

 

शॉन पोलाक (दक्षिण अफ्रीका)

विश्व क्रिकेट के महान तेज गेंदबाजों में से एक दक्षिण अफ्रीका के शॉन पोलाक का नाम इस सूची में चौथे स्थान पर आता हैं. दक्षिण अफ्रीका के लिए वनडे और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले शॉन पोलाक ने अपने एकदिवसीय करियर में कुल 9 बार ‘मन ऑफ़ द सीरीज’ का अवार्ड जीता.

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व वनडे कप्तान शॉन पोलाक ने अपने हरफनमौला खेल से खेल प्रेमियों के दिल पर बहुत लम्बे समय तक राज किया. पोलाक ने कुल 303 वनडे मैच खेले और वह इस दौरान 3519 रन बनाने में सफल रहे. वनडे में शॉन पोलाक के नाम पर एक शतक के साथ 14 अर्द्धशतक भी दर्ज रहे.

बतौर गेंदबाज शॉन पोलाक ने 303 एकदिवसीय मैचों में कुल 393 विकेट हासिल किये और उनका सबसे बढ़िया प्रदर्शन 6/35 का रहा. वनडे में पोलाक का इकॉनमी रेट 67 और औसत 24.50 की रही और पांच बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने में कामयाब हुए.

विराट कोहली (टीम इंडिया)

टीम इंडिया के कप्तान और विश्व क्रिकेट में रन मशीन के नाम सुप्रसिद्ध विराट कोहली का नाम इस लिस्ट में शामिल न ऐसा तो हो नहीं सकता. साल 2008 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज करने वाले विराट कोहली वनडे में सबसे ज्यादा मैन ऑफ़ द सीरीज जीतने के मामले में तीसरे पायदान पर आते हैं

बहुत ही कम समय में क्रिकेट के कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़कर अपने नाम कर चुके किंग कोहली अभी तक कुल 9 बार इस अवार्ड अपने नाम कर चुके हैं. 31 वर्षीय विराट कोहली ने भारत के लिए अभी तक 245 वनडे मैच खेले है और इस दौरान उनके बल्ले से लगभग 60 की अविश्वसनीय औसत और 93 से अधिक के स्ट्राइक रेट के साथ कुल 11792 रन आये हैं.

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सम्पूर्ण विश्व क्रिकेट में अपने नाम का डंका बजाने वाले विराट कोहली ने 245 एकदिवसीय मैचों में 43 बार शतक और 57 बार अर्द्धशतकीय पारी खेली हैं. अभी भले ही विराट कोहली का नाम इस सूची में तीसरे स्थान पर हो लेकिन वह दिन दूर नहीं जब कोहली इस कीर्तिमान में पहले पायदान पर विराजमान होगे.

सनथ जयसूर्या (श्रीलंका)

वनडे क्रिकेट के अभी तक इतिहास में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द सीरीज जीतने के मामले में दूसरे स्थान पर श्रीलंका के पूर्व कप्तान और दिग्गज आक्रामक सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या का नाम आता हैं.

सबसे पहले 400 वनडे मैच खेलने का कीर्तिमान स्थापित करने वाले सनथ जयसूर्या ने अपने पूरे करियर के दौरान कुल 11 बार ‘मैन ऑफ़ द सीरीज’ का अवार्ड जीता. विस्फोटक शैली में बल्लेबाजी के लिए लोकप्रिय सनथ जयसूर्या ने अकेले अपने दम पर श्रीलंका को कई बार अहम मुकाबलें जीताये.
सन 1996 में श्रीलंका को विश्व कप जीताने में सनथ जयसूर्या ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. चार दशकों तक विश्व क्रिकेट पर अपनी हुकूमत करने वाले 50 वर्षीय सनथ जयसूर्या ने एशिया XI और श्रीलंका के लिए कुल 445 एकदिवसीय मैच खेले और इस दौरान उनके बल्ले से 91.20 के बढ़िया स्ट्राइक रेट के साथ 13430 रन आये.

वनडे में जयसूर्या के नाम पर 28 शतक और 68 अर्द्धशतक भी दर्ज हैं. बात अगर उनके गेंदबाजी रिकॉर्ड की करे तो बतौर गेंदबाज सनथ जयसूर्या 4.78 की इकॉनमी के साथ 323 विकेट झटकाने में सफल रहे.

सचिन तेंदुलकर (टीम इंडिया)

क्रिकेट की दुनिया के भगवान का दर्जा रखने वाले सचिन तेंदुलकर का नाम इस सूची में सबसे पहले स्थान पर शामिल है. 22 सालों तक एकदिवसीय क्रिकेट खेलने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने पूरे करियर में कुल 15 बार ‘मैन ऑफ़ द सीरीज’ का खिताब जीतकर अपने नाम किया.

साल 2003 के एकदिवसीय विश्व कप के दौरान भी सचिन तेंदुलकर को ‘प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट’ अवार्ड से सम्मानित किया गया था. विश्व कप के दौरान सचिन ने 673 रन बनाने के साथ दो विकेट भी हासिल किये थे.

चार दशकों तक क्रिकेट पर राज करने वाले सचिन तेंदुलकर के नाम 463 वनडे मैच खेलने का रिकॉर्ड हैं. इन 463 मैचों में सचिन के बल्ले से सबसे ज्यादा 18,426 रन आये है और उनके नाम पर 49 शतक और 96 अर्द्धशतक भी दर्ज हैं. मास्टर ब्लास्टर के नाम पर एकदिवसीय क्रिकेट में 154 विकेट झटकने का रिकॉर्ड भी दर्ज हैं.

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