International Women Day 2022: देश की पांच महिला राजनेता, जो इन दिनों संभाल रहीं पार्टी और देश की जिम्मेदारी

महिलाएं आज देश के सर्वोच्च और सशक्त पदों पर कार्यरत हैं। आजादी के समय महिलाओं ने स्वतंत्रता आंदोलन में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश को आजाद कराया था। उसके बाद भारतीय संविधान निर्माण में अपना योगदान दिया। उन दिनों संविधान सभा में 15 महिलाएं शामिल थीं। भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, सरोजिनी नायडू, सुचेता कृपलानी जैसी महिलाओं का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया लेकिन आज राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी कई गुना बढ़ गई है। कोई महिला किसी बड़े राजनीतिक दल की राष्ट्रीय अध्यक्षता कर रही हैं, तो कोई महिला बतौर राज्य की मुख्यमंत्री प्रदेश की बागडोर संभाल रही है। विश्व महिला दिवस के मौके पर देश और राजनीतिक दल की जिम्मेदारी निभा रही इन महिलाओं को सम्मान दिया जाना चाहिए। जानिए भारत की पांच सबसे दमदार राजनीतिक महिलाओं के बारे में, जो इन दिनों राजनीति में लहरा रही परचम।

 



निर्मला सीतारमण

फोर्ब्स 2021 की सूची में दुनिया की सबसे शक्तिशाली महिलाओं में भारत की कई महिलाओं के नाम शामिल हैं। इनमें पहली और सबसे सशक्त भारतीय महिला हैं निर्मला सीतारमण। भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भारत में ही नहीं विदेशों तक प्रसिद्ध है। देश की पहली पूर्णकालिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार देश की वित्त मामलों को संभाल रही हैं। इसके पहले सीतारमण ने देश के रक्षा मंत्री पद का कार्यभार भी संभाला था।

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ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पूरे राज्य की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। एक महिला राजनेता के तौर पर यह बड़ी उपलब्धि है कि ममता बनर्जी लगातार तीन बार से किसी राज्य की मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यरत हैं। ममता बनर्जी को महिला सशक्तिकरण का सबसे जबरदस्त उदाहरण माना जा सकता है। वह टीएमसी की लीडर भी हैं और प्रदेश की मुखिया भी। ममता बनर्जी केंद्र में लगातार दो बार रेल मंत्री भी रह चुकी हैं।

आनंदीबेन पटेल

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल इसके पहले गुजरात की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। कल्याण सिंह के अस्वस्थ होने पर आनंदी बेन पटेल ने दो राज्यों के राज्यपाल पद की जिम्मेदारी भी संभाली थी। वह तब यूपी के साथ ही मध्य प्रदेश की राज्यपाल भी रहीं। उनके तेजतर्रार, सख्त और कुशल प्रशासन के कारण आनंदीबेन पटेल को आयरन लेडी भी कहा जाता है। राजनीति में आने से पहले वह एक अच्छी शिक्षक भी रह चुकी हैं। उन्हें राष्ट्रपति ने सम्मानित भी किया था।

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मायावती

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा नाम मायावती का है। कई बड़े राजनीतिक दलों का नाम आते ही कई दिग्गज नेताओ के नाम याद आते हैं लेकिन बहुजन समाज पार्टी के साथ सबसे पहला और इकलौता नाम एक महिला का आता है, वह है मायावती। वह पार्टी की प्रमुख भी हैं, खुद में एक ब्रांड भी। भारतीय राजनीति में किसी महिला के लिए यह ओहदा पाना आसान बात नहीं है। लंबे समय से राजनीति में रहने के बाद मायावती की पहचान ‘बहन जी’ के तौर पर बन गई है। बसपा सुप्रीमो होने के साथ ही मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं।

प्रियंका गांधी

इन दिनों यूपी की सियासत में एक महिला का नाम और उनकी सक्रियता बढ़ती जा रही है। यह महिला हैं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी। व्यक्तिगत जिंदगी छोड़ सार्वजनिक जीवन में उतरी प्रियंका गांधी में इंदिरा गांधी की झलक मिलती है। भले ही प्रियंका गांधी की अब तक कोई राजनीतिक उपलब्धि या जीत न हुई हो लेकिन उनका नाम दिग्गज महिला राजनेताओं में शामिल हो चुका है। लोग कांग्रेस से प्रभावित हों या न हो लेकिन प्रियंका गांधी से जरूर प्रभावित होते हैं। वह राजनीति में देश की बेटी बनकर उभरीं। प्रियंका ने यूपी चुनावों में अपना दमखम दिखाया।

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