अब कुछ दिन जबलपुर में रुकने के बाद मुम्बई शिफ्ट हो जाएगी….गायिका इशिता

नर्मदा किनारे सुर-साधना के जरिये सुरमयी हुई संस्कारधानी की लाड़ली बिटिया इशिता देश-दुनिया की छोटी लता के रूप में विख्यात हो चुकी है।
सोनी टीवी के इंडियाज गाट टैलेंट से पुरस्कृत होकर मंगलवार को इशिता का गृहनगर जबलपुर आगमन होगा। पिछले चार माह से वह मुंबई में थी। अब वह महज चंद दिन जबलपुर में रहेगी और उसके बाद मुंबई शिफ्ट हो जाएगी। ऐसा इसलिए क्याोंकि फिल्मों में पार्श्वगायिका के रूप में नई पारी की शुरूआत हो चुकी है।

 



सरेगामा विनर बनने के बाद काफी कम उम्र में चर्चित हो चुकी इशिता ने इंडियाज गाट टैलेंट शो में काफी कठिन प्रतियोगिता के बावजूद फर्स्ट रनर अप का खिताब अपने नाम करने का कमाल कर दिखाया। यह गौरव की बात है। इशिता अपनी उपलब्धि का श्रेय वे अपने माता-पिता, गुरु कृपा और जबलपुर के लोगों के प्यार और आशीर्वाद को देना चाहती है।

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय, श्री ऋषभ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान एवं श्री ऋषभ इंस्टीट्यूट बनाहिल में देशभक्ति और उल्लास के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया

इंडियाज गाट टैलेंट में हर हफ्ते हाईएस्ट वोटिंग, सरप्राइज़ गिफ्ट और फिल्म सीता के लिए प्लेबैक करने का मौका मिला है, जो कि कंगना रनौत द्वारा अभिनीत फिल्म होगी। अजय-अतुल का संगीत निर्देशन होगा। इशिता इंडियाज गाट टैलेंट में यही इच्छा लेकर गई थी की उसे फिल्मों में गाने का मौका मिले, उसकी वो इच्छा आइजीटी के जज मनोज मुंतशिर ने पूरी कर दी।

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय, श्री ऋषभ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान एवं श्री ऋषभ इंस्टीट्यूट बनाहिल में देशभक्ति और उल्लास के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया

इशिता ने जबलपुर में शुरूआत की और काफी सीखा। वह यहां के मंचों पर गाने गाकर चर्चित हुई। अपनी कमियां दूर कीं।

अच्छाइयों को पहचाना। यहां मिली तारीफ ने ही उसे स्टार बनाया। इसीलिए वह जबलपुर को कभी नहीं भूलेगी। उसके पिता ने यहां संघर्ष कर उसके गायन का रियाज कराया। मां तेजल ने यहां रहकर संघर्ष किया। अब उन्नति के दिन आए हैं। ऐसे में नर्मदा का किनारा उसे सदा याद आएगा। इसी भावना के साथ वह आग बढ़ रही है। इशिता से जबलपुर को कभी भुला न पाने वाला गौरव दिया है।

error: Content is protected !!