HDFC लिमिटेड और HDFC बैंक क्यों हो रहे हैं मर्ज, कस्टमर पर इसका क्‍या पड़ेगा असर, जानें

सोमवार को देश के बड़े बिजनेस समूहों में से एक एचडीएफसी की दो कंपनियों एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और एचडीएफसी लिमिटेड (HDFC Ltd) ने विलय (Merger) का ऐलान कर दिया। इस विलय को भारत के फाइनेंसियल सेक्टर का अब तक का सबसे बड़ा विलय माना जा रहा है। एचडीएफसी बैंक की ओर से बाजार नियामक (Market Regulator) की दी गई सूचना के मुताबिक दोनों कंपनियों के विलय की प्रक्रिया अगले 18 महीनों में पूरी कर ली जाएगी।



इसे भी पढ़े -  Malkharoda News : कलमी गांव में "गांव चलो-घर चलो" अभियान का जनपद पंचायत अध्यक्ष कवि वर्मा ने किया शुभारंभ, कहा, 'शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे यह भाजपा सरकार की मंशा'

क्या है विलय की योजना?: एचडीएफसी लिमिटेड देश की सबसे बड़ी होम लोन वितरण करने वाली कंपनी है, जिसका संपत्ति प्रबंधन (Assets Under Management) करीब 5.26 लाख करोड़ रुपए है जबकि कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 4.44 लाख करोड़ रुपए है। इसका विलय देश के प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक से कर दिया जाएगा। इसके साथ ही एचडीएफसी लिमिटेड की सभी सहायक कंपनियां भी एचडीएफसी को हस्तांतरित कर दी जाएंगी। एचडीएफसी का बाज़ार पूंजीकरण करीब 8.35 लाख करोड़ रुपए है।

इसे भी पढ़े -  Sakti News : जिला पंचायत सभापति प्रियंका आलोक पटेल के प्रयासों से चंदली में विद्युत सब स्टेशन खोलने की मिली स्वीकृति, क्षेत्रवासियों को ओवरलोडिंग की समस्या से मिलेगी बड़ी राहत, जिपं सभापति ने सीएम और वित्त मंत्री का जताया आभार

ग्राहकों पर क्‍या पड़ेगा असर: विलय पर एचडीएफसी लिमिटेड के चेयरमैन दीपक पारीख ने कहा कि इससे हम कृषि, होम लोन और अन्य क्षेत्रोँ में अधिक किफायती दर से लोन उपलब्ध करा पाएंगे।

error: Content is protected !!