DHFL Banking Fraud: 17 बैंकों को 34 हजार करोड़ रुपये का लगा चूना, जांच में जुटे 50 CBI अफसर…. पढ़ें सबकुछ 

नई दिल्ली: आपने अपने टीवी चैनल पर बॉलीवुड एक्टर्स के माध्यम से DHFL के कई विज्ञापन देखे होंगे, और हम उस कंपनी पर 100 प्रतिशत भरोसा भी करते हैं। ये DHFL के विज्ञापन किसी ​कंपनी, पेस्ट, तेल या अन्य सेवाओं के बारे में बताता है। DHFL कंपनी पर लोगों ने कई दशकों से भरोसा करते आ रहे हैं। लेकिन जब ये कंपनी फर्जीवाड़े के मास्टर निकले तो, एक के बाद एक बड़े—बड़े कंपनियों का ‘खेल’ उजागर होता गया।



देखिए क्या है पूरा मामला

एक साल पहले पता चला था कि DHFL ने प्रधानमंत्री आवास योजना की मदद से गरीबों को घर देने के नाम पर सब्सिडी ​हड़प ली। इस प्राइवेट फाइनेंस कंपनी ने 80 हजार फर्जी अकाउंट खोले, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के फर्जी लोगों को खड़ा किया और उन्हें लोन दिया, साथ में सरकार से मिली रियायत भी खा गए।

इसे भी पढ़े -  Rudraksha Rules: रुद्राक्ष धारण करने से पहले सावधान! जानें असली और नकली में फर्क

बैंकों ने दो किस्तों में करीब 1900 करोड़ की छूट वधावन ब्रदर्स की कंपनी का ट्रांसफर कर दी। इसका मतलब ये हुआ कि कागजों में बना गरीबों का घर और हकीकत में सब्सिडी वधावन भाइयों के पास पहुंच गई। इसे 14 हजार करोड़ रुपये का घोटाला बताया गया।

यस बैंक के साथ मिलकर भी DHFL ने अंदरखाने में भारी उलटफेर किया गया है। पहले हम 9,000 करोड़, 14 हजार करोड़, 23 हजार करोड़ को बड़ा घोटाला मानते गए लेकिन अब DHFL से ही जुड़ा 34,615 करोड़ का घोटाला सामने आया है।

सीबीआई के 50 से अधिक अफसरों ने DHFL के निकाले काले चिट्ठे

इस को सीबीआई की ओर से की जा रही अब तक की सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी की जांच का मामला बताया जा रहा है। कंपनी के प्रमोटर रहे कपिल और धीरज वधावन के खिलाफ Bank Fraud का केस दर्ज किया गया है।

इसे भी पढ़े -  Expressway और नेशनल हाइवे पर वाहन चलाने वालों के लिए जारी हुए नए नियम, कब से मिलेगी बड़ी राहत

आरोप है कि कंपनी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की अगुआई में 17 बैंकों के समूह के साथ 34,615 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। सीबीआई के 50 से अधिक अधिकारियों की टीम ने कुछ घंटों में ही आरोपियों को मुबंई के 12 ठिकानों पर तलाश कर ​गिरफ्त में लिया। वधावन बंधु यस बैंक के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी राणा कपूर के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी हैं।

DHFL ने अपना खेल 2010 से शुरू किया था। UBI का आरोप है कि DHFL कंपनी ने बैंकों के समूह से विभिन्न व्यवस्थाओं के तहत लोन लेना शुरू किया था। 2018 आते-आते यह 42,871 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। लेकिन मई 2019 से भुगतान में डिफॉल्ट करना शुरू कर दिया। इस तरह से DHFL ने कुल 17 बैंकों को हजारों करोड़ का चूना लगाया।

इसे भी पढ़े -  सिर्फ एक साल स्‍कूल गए और लिख डाला अमेरिका का इतिहास, पढ़िए अब्राहम लिंकन की अनसुनी प्रेरक कहानी

34 हजार करोड़ के बाद वधावन ब्रदर्स अब खाएंगे जेल की रोटी

एक समय जिन वधावन ब्रदर्स का प्राइवेट सेक्टर में राज चलता था। आज जेल के सलाखों के पीछे रोटी तोड़ने की नौबत आ गई है, और वहीं धीरज वधावन को मई 2020 में गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था। वह केस यस बैंक फ्रॉड से जुड़ा था। पिरामल कैपिटल और हाउसिंग फाइनेंस (PCHF) ने 34,250 करोड़ रुपये में डीएचएफएल का अधिग्रहण कर लिया है।

error: Content is protected !!