Story IAS Officer : गणित में 36, विज्ञान में 38 लाने वाले बच्चा जो अपने मेहनत से IAS बना, भरूच के कलेक्टर तुषार की कहानी….देखिए मार्कसीट की कॉपी

भरूच जिले के कलेक्टर तुषार सुमेरा ने बताया है. सुमित इस बात का उदाहरण हैं कि मेहनत करो तो इंसान आगे बढ़ सकता है. हाईस्कूल में सुमित के सिर्फ़ पासिंग मार्क्स आए थे, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत और लगन से आज कलेक्टर बन देश और उसके लोगों की सेवा कर रहे हैं.



तुषार सुमेरा की प्रेराणादायक कहानी को 2009 बैच के IAS अधिकारी अवनीश शरण ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया है.

छत्तीसगढ़ कैडर के IAS ऑफिसर अवनीश शरण ने ट्वीट कर लिखा, “भरूच के कलेक्टर तुषार सुमेरा ने अपनी दसवीं की मार्कशीट शेयर करते हुए लिखा है कि उन्हें दसवीं में सिर्फ पासिंग मार्क्स आए थे.”

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उन्होंने आगे बताया कि “उनके 100 में अंग्रेजी में 35, गणित में 36 और विज्ञान में 38 नंबर आए थे. ना सिर्फ पूरे गांव में बल्कि उस स्कूल में यह कहा गया कि यह कुछ नहीं कर सकते.”

तुषार ने लोगों की बातों पर ध्यान नहीं दिया. वो अपनी मेहनत के दम पर IAS अधिकारी बने. यह मुकाम हासिल करने के बाद उन सभी के मुंह पर ताला लग गया जो उनकी सफलता पर यकीन नहीं रखते थे. आज तुषार सुमेर जैसों की संघर्ष की कहानी दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत है.

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IAS अवनीश शरण के ट्वीट के जवाब में कलेक्टर भरूच तुषार सुमेरा ने “थैंक्यू सर” लिखकर उसका जवाब दिया. इस पोस्ट को लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है. लोगों का कहना है कि डिग्री नहीं आपका टैलेंट मैटर करता है. कइयों ने कहा कि लगन और ,मेहनत के दम पर कुछ भी हासिल किया जा सकता है लेकिन उसके लिए आप जब जागो तभी सवेरा है.

तुषार डी सुमेरा वर्तमान में भरूच जिले के कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं. साल 2012 में UPSC परीक्षा पास करके वो IAS ऑफिसर बने थे. भरूच में उत्कर्ष पहल अभियान के तहत उनके द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीटर पर तुषार सुमेरा का जिक्र कर चुके हैं.

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आज तुषार करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणादायक है. खास तौर से उनके लिए, जो असफल होने पर सोचते हैं कि उनके लिए सफलता के सभी दरवाजे बंद हो गए हैं.

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