Indian Railways: रेलवे म‍िन‍िस्‍ट्री का नया न‍ियम, अब ट्रेनों में नहीं होंगे Guard! जानिए क्यों?

Indian Railways New Rule: अक्‍सर ट्रेन से सफर करने वालों को रेलवे बोर्ड का नया न‍ियम जानना जरूरी है. रेलवे के नए न‍ियम के अनुसार अब ट्रेन में गार्ड नहीं होंगे. दरअसल, प‍िछले द‍िनों रेलवे ने कर्मचारियों की कई साल पुरानी मांग को पूरा करते हुए रेलवे गार्ड (Railway Guard) के पदनाम को बदल दिया है. इस बदलाव के बाद ट्रेन में तैनात गार्ड (Train Guard) को ट्रेन मैनेजर (Train Manager) कहा जाएगा. रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने इस संबंध में रेलवे के सभी जनरल मैनेजर्स को पत्र ल‍िखकर भी सूच‍ित कर द‍िया है.

 



 

 

 

तत्काल प्रभाव से लागू क‍िया गया न‍ियम

रेलवे ने इस बदलाव को तत्काल प्रभाव से लागू कर द‍िया है. रेलवे ने पदनाम बदलने की कर्मचारियों की सालों पुरानी मांग को साल की शुरुआत में मान ल‍िया है. भारतीय रेलवे ने अपने ऑफ‍िश‍ियल अकाउंट पर भी इस बारे में जानकारी दी थी. कर्मचारियों की तरफ से साल 2004 से गार्ड का पदनाम बदलने की मांग की जा रही थी. कर्मचारियों का तर्क था क‍ि गार्ड का काम सिर्फ सिग्नल के लिए झंडी और टार्च दिखाना नहीं है इसलिए इसका पदनाम बदल देना चाहिए.

इसे भी पढ़े -  वेदांता ने एक दशक में सरकारी खजाने में करीब 5 लाख करोड़ का दिया योगदान, वेदांता ग्रुप देश के खजाने में योगदान देने वाले भारत के टॉप 3 प्राइवेट सेक्टरों में से है एक

 

 

 

नहीं बदली जिम्मेदारी

आपको यह भी बता दें क‍ि रेलवे की तरफ से गार्ड का पदनाम ही बदला गया है, उनकी जिम्मेदारियां पहले जैसी ही रहेंगी. ट्रेनों में यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही पार्सल सामग्री का निष्पादन, यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन की देख-रेख की ज‍िम्‍मेदारी भी गार्ड पर ही होती है. ऐसे में पदनाम बदलने की मांग को रेलवे ने भी माना. रेलवे की तरफ से बताया गया क‍ि पदनाम बदलने से जिम्मेदारी में क‍िसी तरह का बदलाव नहीं क‍िया गाय है. इसके अलावा भी कुछ और कर्मचार‍ियों के पद नामों में बदलाव क‍िया गया है.

इसे भी पढ़े -  ग्रेट प्लेस टू वर्क द्वारा वेदांता को भारत के शीर्ष 100 सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों में स्थान, वेदांता के कार्यबल में 23 प्रतिशत महिलाएं, लगभग 100 ट्रांसजेंडर कर्मचारी और पिछले 5 वर्षों में ESOP के माध्यम से कर्मचारियों के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ की संपत्ति (वेल्थ) का सृजन

 

 

 

पुराना पदनाम- नया पदनाम

 

– असिस्टेंट गार्ड- असिस्टेंट पैसेंजर ट्रेन मैनेजर

 

– गुड्स गार्ड- गुड्स ट्रेन मैनेजर

 

– सीनियर गुड्स गार्ड- सीनियर गुड्स ट्रेन मैनेजर

 

– सीनियर पैसेंजर गार्ड- सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर

 

– मेल / एक्सप्रेस गार्ड- मेल/एक्सप्रेस ट्रेन मैनेजर

इसे भी पढ़े -  वेदांता ने एक दशक में सरकारी खजाने में करीब 5 लाख करोड़ का दिया योगदान, वेदांता ग्रुप देश के खजाने में योगदान देने वाले भारत के टॉप 3 प्राइवेट सेक्टरों में से है एक
error: Content is protected !!