अचानक इस यूनिवर्सिटी के हजारों लड़के-लड़कियां बन गए ‘ट्रांसजेंडर‘! विश्वविद्यालय की भी उड़े होश

पटना. बिहार यूनिवर्सिटी से एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहां बिहार यूनिवर्सिटी में हजारों छात्रों के जेंडर बदल दिया है। दरअरसल, यहां परीक्षा कंट्रोलर की ओर से बड़ी गड़बड़ी की गई है। यहां ग्रेजुएशन आवेदन करने वाले हजारों छात्रों के फॉर्म में मेल फीमेल की जगह अदर कॉलम भर दिया गया है। यूनिवर्सिटी की इस गलती की चर्चा अब पूरे देश में होने लगी है।



यूनिवर्सिटी के कुलपित हनुमान प्रसाद ने बताया कि कि इसे जल्द सुधारा जाएगा। फिर आगे गलती न हो इसके लिए पूरी प्रक्रिया तैयार की जा रही है। जानकारी के अनुसार, बिहार यूनिवर्सिटी की तरफ से इतनी बड़ी लापरवाही की खुलासा तब हुआ। जब छात्रों के फॉर्म कॉलेज में नामांकन के लिए भेजे गए। एग्जाम कंट्रोलर डॉ संजय कुमार सिंह ने बताया कि आवेदन फॉर्म भरते समय यह गलती हुई है।

इसे भी पढ़े -  Sakti News : कलमी गांव में युवा समिति के द्वारा आयोजित KPL प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता का हुआ समापन, फाइनल मुकाबले में कचन्दा की टीम ने ट्रॉफी के साथ 51 हजार रुपये जीती, मालखरौदा जनपद पंचायत अध्यक्ष कवि वर्मा, जनपद सदस्य जितेंद्र बहादुर सिंह, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि एकलव्य चंद्रा हुए शामिल

आपको बता दें कि यूनिवर्सिटी में पहली मेरिट लिस्ट के लिए 60 हजार आवेदन आए थे। इनमें से 36,010 लड़कियां और 25,873 लड़के शामिल थे। हालंकि मामले का खुलासा होने के बाद अब यूनिवर्सिटी छात्रों के लिए फॉर्म एडिट करने का ऑप्शन ओपन किया जाएगा। साथ ही पोर्टल पर एडिट की लिंक एक्टिव की जाएगी।

इसे भी पढ़े -  Sakti News : कलमी गांव में युवा समिति के द्वारा आयोजित KPL प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता का हुआ समापन, फाइनल मुकाबले में कचन्दा की टीम ने ट्रॉफी के साथ 51 हजार रुपये जीती, मालखरौदा जनपद पंचायत अध्यक्ष कवि वर्मा, जनपद सदस्य जितेंद्र बहादुर सिंह, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि एकलव्य चंद्रा हुए शामिल

error: Content is protected !!