UPSC IAS : कैसे पढ़ें, कितने घंटे पढ़ें, कब से करें तैयारी, डॉ विकास दिव्यकीर्ति ने बताई 5 सबसे काम की बातें. तैयारी के लिए है खास..

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों को अपने सरल, सहज और खास अंदाज में पढ़ाने के लिए मशहूर विकास दिव्यकीर्ति ने सिविल सर्विसेज एग्जाम को पास करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण 5 बातें बताई हैं।

 



 

 

 

 

 

दृष्टि आईएएस कोचिंग सेंटर ( Drishti IAS ) के संस्थापक और डायरेक्टर डॉ विकास दिव्यकीर्ति ( Vikas Divyakirti ) ने कहा कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को सबसे पहले खूब लिखना चाहिए। दूसरा- वह जितना लिखें हो उतना पढें भी। तीसरी अहम बात बताते हुए उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को दिन में 8 से 10 घंटे पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। चौथा- ऑथेंटिक बात लिखना, पढ़ना, सीखना जरूरी है। जब भी कुछ लिखें तो तथ्यों के साथ लिखें, हवा में न लिखें। पाचंवा- बोलने का अभ्यास करें ताकि इंटव्यू में अच्छा प्रदर्शन कर पाएं।

 

 

उन्होंने कार्यक्रम में  बातचीत में बताया कि यह सही है कि आईएएस की तैयारी के लिए काफी पढ़ना पड़ता है। तैयारी की शुरुआत में 12-14 घंटे पढ़ना यह सब कहने वाली बात है। शुरुआत करने के लिए 6-7 घंटे पढ़ना काफी है। साल भर बाद स्टूडेंट्स का ऐसा लेवल आ जाता है जब उन्हें पढ़ने के लिए कहना नहीं पड़ता। एक समय बाद बच्चों को तब बुरा लगता है जब वह पढ़ नहीं रहे होते।

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यूपीएससी कोचिंग की दुनिया में बेहद लोकप्रिय शिक्षक विकास दिव्यकीर्ति ने कहा ‘आईएएस बनने के लिए मैथ्स या साइंस कितना अच्छा है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। नहीं के बराबर फर्क पड़ता है। अगर आपकी लेंग्वेज स्किल्स ठीक है, पढ़ने का अनुशासन है तो आईएएस बनने के लिए ग्रेजुएशन के अंत में भी अगर आप सीरियस होंगे तो भी आपके पास यूपीएससी पास करने का पर्याप्त समय है। अगर कोई घर पर रहकर तैयारी शुरू कर रहा है तो वह एनसीईआरटी बुक्स से तैयारी कर सकता है।’
उन्होंने कहा कि बिना कोचिंग के भी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की जा सकती है। कोचिंग से सिर्फ चीजें आसान हो जाती है। हर साल बिना कोचिंग के बहुत से स्टूडेंट्स परीक्षा पास करते हैं।

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गौरतबल है कि दृष्टि IAS कोचिंग संस्थान के संचालक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति यूपीपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी करने वालों के बीच काफी जाना-पहचाना नाम है। खासतौर पर हिंदी मीडियम से यूपीएससी की तैयारी करने वाले हजारों अभ्यर्थी उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। यूट्यूब पर इनके वीडियो को भी भारी संख्या में लोग देखते हैं।
डॉ विकास दिव्यकीर्ति का जन्म हरियाणा के मध्यम वर्गीय परिवार में 26 दिसंबर 1973 को हुआ। उनके माता-पिता दोनों ही हिंदी साहित्य के प्रोफेसर रहे। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए किया। इसके बाद उन्होंने हिंदी में एमए, एमफिल और फिर पीएचडी की। डी और भारतीय विद्या भवन से अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री भी हासिल की। 1996 में अपने पहले ही प्रयास में UPSC एग्जाम पास कर लिया। वे IAS ऑफिसर बन गए। उनकी तैनाती गृह मंत्रालय में हुई। हालांकि इस काम में उनका मन नहीं लगा। महज एक साल बाद ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 1999 में डॉ विकास दिव्यकीर्ति ने दृष्टि IAS कोचिंग इंस्टीट्यूट की नींव रखी।

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