UPSC Story: रह चुकी हैं मिस दिल्ली, फिर मॉडलिंग छोड़ बनीं IFS, बिना कोचिंग के 10 महीने में पास की UPSC परीक्षा. पढ़िए…

मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली आईएएस बनने से पहले फेमिना मिस इंडिया की फाइनलिस्ट रह चुकी हैं. वह मिस दिल्ली भी रह चुकी हैं. लेकिन उनपर आईएएस बनने का ऐसा जुनून चढ़ा कि मॉडलिंग का करियर छोड़कर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दीं. उन्होंने अपने पहले अटेम्प्ट में ही यूपीएससी क्लीयर भी कर लिया.
ऐश्वर्या श्योराण का परिवार मूल रूप से राजस्थान का था लेकिन लंबे समय से दिल्ली में ही रह रहा था. उन्होंने स्कूली पढ़ाई चाणक्यपुरी के संस्कृति स्कूल से की. 12वीं क्लास में उनके 97.5 मार्क्स थे. उन्होंने डीयू के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की.

 



इसे भी पढ़े -  Janjgir News : भारी बारिश की आशंका को देखते हुए किसान धान की कटाई टालें, कटी फसल को तिरपाल से ढककर रखें : इंजी. रवि पाण्डेय

 

 

आईएएस ऐश्वर्या श्योराण के पिता अजय श्योराण भारतीय सेना में कर्नल हैं. उनकी माता का नाम सुमन है. वह एक गृहणी हैं. ऐश्वर्या का पूरा परिवार फिलहाल मुंबई में रहता है. अक्सर मां-बाप चाहते हैं कि बच्चे सरकारी अधिकारी बनें. लेकिन यहां उल्टा था. ऐश्वर्या की मां चाहती थीं कि बेटी मिस इंडिया बने. इसलिए उन्होंने बेटी का नाम भी बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या रॉय के नाम पर रखा.

 

 

 

ऐश्वर्या श्योराण ने मां के सपने को पूरा करने के लिए मॉडलिंग की तरफ कदम बढ़ाया. साल 2014 में वह दिल्ली की क्वीन एंड क्लीयर फेस फ्रेस बनीं और 2015 में उन्होंने मिस दिल्ली का खिताब अपने नाम किया. इसके बाद उन्होंने साल 2016 में फेमिना मिस इंडिया में हिस्सा लिया. इस दौरान वह 21वीं फाइनलिस्ट भी रहीं.

इसे भी पढ़े -  Sakti News : 15 वर्षों बाद 5 गांवों की बिजली समस्या का होगा समाधान, भाजयुमो जिलाध्यक्ष आलोक पटेल की पहल रंग लाई, भूमिपूजन किया, कहा, 'क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास करना ही है उनकी प्राथमिकता'

 

 

मां के सपने को पूरा करके ऐश्वर्या श्योराण ने अपने सपने पूरे करने की तरफ कदम बढ़ाया. उन्होंने 2018 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की. इसके लिए उन्होंने 10 महीने घर पर ही पढ़ाई की. बिना कोचिंग गए उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा क्रैक की. ऑल इंडिया 93वीं रैंक लॉकर वह आईएफएस (इंडियन फॉरेन सर्विसेज) ऑफिसर बन गईं. फिलहाल वह फ्रांस में डिप्लोमैट के रूप में नियुक्त हैं.

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल की बेटियों ने बढ़ाया गौरव, NSS में रचा इतिहास, बनाहिल की दो छात्राओं का राष्ट्रीय मंच तक सफर

Related posts:

error: Content is protected !!