सरसों तेल की कीमतों में गिरावट, राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर, नियम में हुआ बड़ा बदलाव

राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। यदि अभी राशन कार्ड धारकों सरकार की मुफ्त राशन योजना का लाभ उठा रहे हैं तो खबर आपके लिए है। दरअसल बढ़ती महंगाई के दौर में राशन कार्ड धारकों के लिए राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। इसके साथ ही राशन कार्ड धारकों को उचित मूल्य की दुकानों में सरसों का तेल 37 सस्ता मिलेगा।



राशन कार्ड धारकों को 110 प्रति लीटर की दर से सरसों का तेल उपलब्ध कराया जाएगा। हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जून से पहले गरीबी रेखा से नीचे ₹142 जो कि गरीबी रेखा से ऊपर के लाभार्थियों को 147 प्रति लीटर की दर से तेल उपलब्ध कराया जा रहा था। बाजार में सरसों तेल के दाम में आई कमी और खाद्य आपूर्ति निगम द्वारा खोले टेंडर के कारण दाम को कम किया गया है। इसके साथ ही अब राशन कार्ड धारकों को 109.74 रुपए सरसों का लाभ दिया जाएगा। पहले सरकार द्वारा 20 का उप दान प्रदान करती थी। उप दान में ₹10 की बचत होगी।

इसे भी पढ़े -  Samsung का 200MP कैमरा वाला नया फोल्ड फोन, 8 इंच स्क्रीन के साथ स्नैपड्रैगन प्रोसेसर भी

यूपी सरकार ने दी बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश के योगी सरकार द्वारा राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत दी गई है। प्रदेश के प्रत्येक परिवार इकाई को जारी की जा रही परिवार आईडी प्रक्रिया की समीक्षा की गई है। वही कहा जा रहा है कि राशन कार्ड धारकों को परिवार आईडी बनवाने की जरूरत नहीं है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवासरत 3.6 करोड़ परिवार राष्ट्रीय खाद सुरक्षा योजना का लाभ ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिवारों की राशन कार्ड संख्या की फैमिली आईडी होगी जबकि 1 परिवारों की राशन कार्ड धारक नहीं है वह पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर परिवार आईडी प्राप्त कर सकते हैं।

इसे भी पढ़े -  Honda City Facelift हो सकती है लॉन्‍च, टेस्टिंग के दौरान दिखी कार से मिली यह जानकारी

सीएम ने कहा कि हर परिवार के न्यूनतम एक सदस्य को रोजगार सेवायोजन से जुड़ने के संकल्प के लिए परिवार आईडी जारी की गई थी। 78,000 आवेदन में से 33,000 से अधिक आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। सीएम ने निर्देश दिए कि एक परिवारिक पहचान योजना के तहत प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट पहचान पत्र जारी की जा रही है। राज्य कि परिवार इकाइयों का एक लाइव व्यापक डेटाबेस स्थापित किया जाएगा। डेटाबेस लाभार्थी परियोजनाओं के बेहतर प्रबंधन सहित पारदर्शी संचालन और योजना में शत प्रतिशत लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए सामान्य सुविधाओं के सरलीकरण करने में सहायक होंगे।

इसे भी पढ़े -  NZ W vs SA W: दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए कीवी टीम का एलान, 22 साल की इस स्टार खिलाड़ी को पहली बार मिला मौका

error: Content is protected !!