IIT से किया बीटेक, फिर पहली ही बार में बनीं IAS, यूपीएससी में हासिल की नंबर-1 रैंक, पढ़िए कैसे मिली सफलता..

Success Story : पहले ही प्रयास में यूपीएससी टॉप करके IAS बनने वाली महिला अधिकारियों की चर्चा होती है तो टीना डाबी का नाम लिया जाता है. लेकिन टीना डाबी से काफी पहले एक IAS अधिकारी ने यह कारनामा किया था. जिनका नाम आईएएस भावना गर्ग है. 1998 बैच की पंजाब कैडर की आईएएस भावना गर्ग ने अपने एकेडमिक और प्रोफेशनल करियर में कई शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं.



 

 

 

 

मूलत: पंजाब की रहने वाली भावना गर्ग ने आईआईटी कानपुर से 1998 में केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया. ग्रेजुएशन के दौरान सभी सब्जेक्ट में शानदार परफॉर्मेंस के लिए रतन स्वरूप स्मृति पुरस्कार हासिल की थी. इसके अलावा एडमिशन के हुई संयुक्त प्रवेश परीक्षा में भी पहली रैंक हासिल की थी. आईआईटी कानपुर से पास आउट होने के साल ही उन्होंने पहली बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी. पहले ही प्रयास में उन्होंने यूपीएससी एग्जाम ऑल इंडिया नंबर-1 रैंक से पास कर लिया.

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अमेरिका से ली मास्टर्स की डिग्री

आईएएस भावना गर्ग ने अमेरिका की प्रतिष्ठित प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के वुडरो विल्सन स्कूल से साल 2012 में पब्लिक पॉलिसी में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. बता दें कि गर्ग आईएएस की ट्रेनिंग के दौरान लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन में व्यावसायिक प्रशिक्षण के दौरान करिकुलम एक्टिविटी में बेस्ट परफॉर्मेंस के लिए भी गोल्ड मेडल जीती थीं.

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मैथ्स और केमिस्ट्री थी ऑप्शन सब्जेक्ट

पंजाब के कपूरथला की रहने वाली भावना गर्ग के पिता जूनियर इंजीनियर थे. उनके पति आईएएस अजय शर्मा भी इंजीनियर बैकग्राउंड से हैं. भावना ने यूपीएससी में ऑप्शनल सब्जेक्ट के तौर पर मैथ्स और केमिस्ट्री रखा था.

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