वो फलस्तीनी बच्चा जिसने अपना घर उजड़ने के बाद नफरत में खड़ा किया Hamas, Israel को नष्ट करने की खाई कसम

नई दिल्ली. इजरायल और फलस्तीन में अब जंग आर-पार की हो गई है। फलस्तीन के आतंकी संगठन हमास के 7 अक्टूबर को किए गए हमले के बाद से इजरायल अपनी जवाबी कार्रवाई में गाजा पट्टी के कई इलाकों को नेस्तनाबूद कर चुका है। इजरायल और हमास के हमलों में अब तक कुल 3500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।



इजरायल (Israel Hamas War) लगातार एयरस्ट्राइक कर रहा है और हमास को खत्म करने की कसम खाकर बैठा है। वैसे तो इजरायल और फलस्तीन में लड़ाई कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार जंग छिड़ने के बाद से हर किसी के दिमाग में यही है कि हमास की स्थापना किसने की और इसका मकसद क्या है।

बच्चे की नफरत ने खड़ा किया हमास
बता दें कि आतंकी संगठन हमास एक ऐसे व्यक्ति ने खड़ा किया है, जिसने बचपन में ही नफरत में इजरायल को खत्म करने की कसम खा ली थी।

दरअसल, हमास उस बच्चे की नफरत की उपज है, जिसके दिमाग में बचपन में ही इजरायल को खत्म करने का सपना पैदा हो गया था। 1948 में जब इजरायल फलस्तीन पर कब्जा कर रहा था तो उसने कई गांवों और कसबों को नष्ट कर दिया था। ऐसे ही एक गांव अल-जुरा को बुलडोजर से खत्म कर दिया गया था।

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इस गांव में 1936 में जन्मे शेख अहमद यासीन ने जब अपनी आंखों के सामने 12 साल की उम्र में घर को नष्ट होते देखा तो उसके मन में इजरायल के खिलाफ जहर घुल गया। यासीन परिवार के साथा गाजा पट्टी आकर बस तो गया, लेकिन उसने इजरायल के खात्मे की कसम खा ली थी।

Egypt से पढ़ाई की और बन गया गाजा का नेता
व्हीलचेयर पर रहने वाले यासीन ने 1959 में इजिप्ट की ऐन शम्स विश्वविद्यालय में पढ़ाई की थी, लेकिन वित्तीय मजबूरी के कारण उसने पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद इस्लामी और अरबी पढ़ाई करने के बाद वो गाजा में धार्मिक नेता बन गया।

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अहमद यासीन ने कब बनाया हमास
1983 का साल था और इजरायल की सेना ने यासीन को साजिश रचने के लिए गिरफ्तार कर लिया था। यासीन को 13 साल की सजा सुनाई गई, लेकिन दो साल बाद ही हमास ने दो इजरायली कमांडरों के बदले छुड़ा लिया। इसके बाद 1987 में यासीन ने इजरायल को खत्म करने के लिए हमास की स्थापना की।

इसके बाद 1989 में यासीन को हिंसा भड़काने के लिए फिर से गिरफ्तार किया गया और 40 साल की सजा हुई। हालांकि, इस समय भी उसे 8 साल बाद इजरायल और जॉर्डन के समझौते के तहत छुड़ा लिया गया।

2004 में इजरायल के हमले में गई जान
यासीन जेल में रहते हुए कई बीमारियों से घिर गया था। यही समय था कि 2003 में इजरायल ने उसकी हत्या की कोशिश की और एफ-16 लड़ाकू विमान से हमला किया, जिसमें वो बुरी तरह घायल हो गया। इसके बाद 2004 में हेलीकॉप्टर हमले में इजरायली सेना ने उसे मार गिराया।

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जब गाजा पर हमास ने किया कब्जा
हमास ने इसके बाद फलस्तीन में 2006 में चुनाव लड़े और जीतने के बाद गाजा पर कब्जा कर लिया। हमास इसके बाद पैर पसारता रहा और इजरायल पर बार-बार हमले करता रहा।

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