Kisaan School : वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह पहुंचे टीसीएल कॉलेज के प्रोफेसर, नवाचार देखकर की तारीफ

जांजगीर-चाम्पा. बहेराडीह स्थित वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल के नवाचार को देखने जांजगीर के टीसीएल कॉलेज के प्रोफेसर पहुंचे और किसान स्कूल में किए जा रहे नवाचार को देखकर सराहना की.

 



टीसीएल कॉलेज के प्रोफेसर एसके चन्द्रा, अभय सिन्हा और ओपी सिंह ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह में जिस तरह के नवाचार हो रहे हैं, उसे सभी को जरूर देखना चाहिए. कृषि के क्षेत्र में किसानों को आगे बढ़ाने के लिए जो प्रयास किसान स्कूल में किया जा रहा है, वह काबिले तारीफ है. उन्होंने बताया कि जिस तरह छ्ग की 36 भाजी को संरक्षित किया गया है, वह बड़ी बात है. बहुत कम क्षेत्र में बड़ी संख्या में नवाचार किया जा रहा है और किसानों को फ्री ट्रेनिंग दी जा रही है, इसका किसानों को जरूर लाभ लेना चाहिए.

इसे भी पढ़े -  Kisaan School : किसान स्कूल के रामाधार देवांगन का कृषि मंत्री ने किया सम्मान, अलसी और केला, भिंडी, अमारी के अलावा चेच के रेशे से बनाते हैं कपड़ा, प्रधानमंत्री सहित कई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और राज्यमंत्रियों को भेंट कर चुके हैं प्राकृतिक रेशे से बनी जैकेट

प्रोफेसरों ने यह भी कहा कि पुरानी सामग्री को जिस तरह किसान स्कूल में सहेजा जा रहा है, वह आने वाली पीढ़ी के लिए वरदान साबित होगी, क्योंकि नई पीढ़ी को यह पुरानी सामग्री केवल किसान स्कूल में दिखेगी. किसान स्कूल ने जिस तरह पुरखा के सुरता अभियान चलाकर ‘धरोहर’ विकसित किया है, यह भी मील का पत्थर साबित होगा. प्रोफेसरों ने नवाचार देखने के बाद खुशी जताते हुए कहा कि किसान स्कूल के द्वारा बड़ी पहल की जा रही है.

इसे भी पढ़े -  Kisaan School : किसान स्कूल के रामाधार देवांगन का कृषि मंत्री ने किया सम्मान, अलसी और केला, भिंडी, अमारी के अलावा चेच के रेशे से बनाते हैं कपड़ा, प्रधानमंत्री सहित कई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और राज्यमंत्रियों को भेंट कर चुके हैं प्राकृतिक रेशे से बनी जैकेट

किसान स्कूल के बारे में लगातार सुन रहे थे तो मन में किसान स्कूल बहेराडीह जाने की जिज्ञासा बनी हुई थी. आज जब किसान स्कूल पहुंचे तो मन गदगद हो गया और जितना सुने थे, उससे ज्यादा देखकर मन को बड़ी खुशी हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि छात्र-छात्राओं और किसानों को यहां पहुंचकर सीखना चाहिए, क्योंकि किसान स्कूल ने मिसाल कायम किया है.

इसे भी पढ़े -  Kisaan School : किसान स्कूल के रामाधार देवांगन का कृषि मंत्री ने किया सम्मान, अलसी और केला, भिंडी, अमारी के अलावा चेच के रेशे से बनाते हैं कपड़ा, प्रधानमंत्री सहित कई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और राज्यमंत्रियों को भेंट कर चुके हैं प्राकृतिक रेशे से बनी जैकेट

Related posts:

error: Content is protected !!