रेल दुर्घटना में पीड़ितों को मिलता है भारी मुआवजा, जानिए कौन और कैसे कर सकते हैं आवेदन

यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि भारतीय रेल भारत के लोगों की लाइफ लाइन है, जिसमें हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं। हालांकि, ऐसा हो भी क्यों न यातायात के संसाधनों में रेलवे सबसे सुविधाजनक और किफायती साधन जो है। हालांकि, भारतीय रेलवे भी कुछ कम नहीं है, वो भी अपने यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं देता हैं। हां, वो बात अलग है कि बहुत बार लोगों को इसकी पूरी जानकारी नहीं होती है। इन्हीं में से एक है ट्रेन दुर्घटना बीमा। जी हां, साल में हम कितनी बार रेलवे दुर्घटनाओं के बारे में सुनते हैं। कुछ रेल हादसे तो इतने ज्‍यादा खतरनाक होते हैं कि लोगों की मौत तक हो जाती है।



कहा जाता है कि रेल दुर्घटना में मौत होने पर सरकार की तरफ से तगड़ा मुआवजा मिलता है। लेकिन दुख की बात तो यह है कि आज भी बहुत से लोग नहीं जानते कि इसका आवेदन कैसे करना है। ऐसा इसलिए क्योंकि जानकारी के अभाव में गरीब लोग मुआवजे की राशि के लिए हर दिन ऑफिसों के चक्‍कर लगाते रहते हैं। इसके बाद भी उन्‍हें कोई मदद नहीं मिलती। खैर, ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं कि रेल दुर्घटना में इलाज के लिए कैसे मदद मांग सकते हैं और किस तरह से मुआवजे की राशि के लिए आवेदन किया जा सकता है।

संभालकर रखें यात्रा की जानकारीइसमें कोई दोराय नहीं कि रेल यात्रा करने के लिए सबसे जरूरी चीज होती है ट्रेन की टिकट। यदि आप या आपका कोई करीबी ट्रेन ये यात्रा कर रहा है, तो टिकट से जुड़ी जानकारी यात्रा खत्‍म होने तक अपने पास रखें। इसके अलावा बोर्डिंग पास-बैगेज टैग और भी कुछ डॉक्‍टूयमेंट की कॉपीज आपके पास होनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर किसी कारणवश रेल दुर्घटना हो गई, तो मुआवजे के लिए इन सभी डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ेगी।इंश्योरेंस प्रोवाइडर करेगा मददआपको जानकर हैरानी होगी कि ऐसी अनचाही घटनाओं के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस कराना बहुत जरूरी होता है। ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्री ने इंश्‍योरेंस कराया हुआ है, तो इसके लिए आपको इंश्योरेंस प्रोवाइडर की हेल्पलाइन पर संपर्क करना होगा। यहां पर आपको यात्रा की डिटेल, पॉलिसी नंबर और घटना से जुड़ी पूरी जानकारी देनी होगी। जब आप सरकार द्वारा दी जा रही मुआवजे की राशि के लिए क्लेम करेंगे, तब इंश्योरेंस प्रोवाइडर आपकी बहुत हेल्प कर सकता है।बिल सरकार देगी
बिल सरकार देगी

अगर कोई घायल व्यक्ति रेल दुर्घटना के बाद अस्‍पताल में 30 दिन से ज्यादा भर्ती रहता है, तो उसका पूरा खर्च सरकार देगी। मरीज कितना घायल है। उस आधार पर उसे 3000-1500 और 750 रुपए का खर्च मिलेगा। बता दें कि यह खर्च भर्ती होने के बाद 10 दिन का समय पूरे होने या फिर हॉस्पिटल से डिस्‍चार्ज होने के बाद दिया जाता है।इस स्थिति में नहीं दी जाती सहायता राशि

वैसे तो रेलवे की गलती की वजह से किसी भी यात्री को नुकसान हो, उसकी पूरी जिम्‍मेदारी रेलवे की होती है। लेकिन रेलवे स्‍टेशन पर किसी यात्री की करंट लगने से मौत हो जाए, तो उसे सहायता राशि नहीं दी जाती। आप इसके लिए क्‍लेम नहीं कर सकते हैं।

मुआवजे में कितनी राशि मिलती है?

हादसे के दौरान चोट लगने पर रेलवे की तरफ से 2 लाख रुपए की मदद दी जाती है।

विकलांग हुए व्‍यक्ति को 7.5 लाख तक की मदद मिलती है।

अगर कोई व्‍यक्ति दुर्घटना के वक्‍त पूरी तरह से विकलांग हो चुका है, तो उसे पूरे 10 लाख तक की मुआवजा राशि मिलती है।

रेल यात्रा के दौरान दुर्घटना होने पर किसी यात्री की मौत हो जाए, तो उसे भी सरकार की ओर से 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता है।

अप्‍लाई करने का तरीका

मुआवजे के लिए अप्‍लाई करना है, तो आपको आईआरसीटीसी (IRCTC) की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा।
यहां सबसे पहले ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्री की सभी डिटेल्स भरनी होगी।
इस दौरान यात्रा के टिकट और डॉक्यूमेंट की भी जानकारी आपके पास होनी चाहिए।
आपके द्वारा किए गए आवेदन के 15 दिन बाद रेलवे को इस पर जांच करनी होगी।
ऐसा न होने पर आपको शिकायत दर्ज कराने का पूरा अधिकार है।​
मुआवजे से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए आप https://www.indianrailways.gov.in पर जा सकते हैं।

 

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