Aditya Srivastava: ‘पहली रैंक की उम्मीद नहीं थी लेकिन…’ UPSC 2023 टॉपर आदित्य श्रीवास्तव भगवान से क्‍या कर रहे थे प्रार्थना?

नई द‍िल्‍ली। संघ लोक सेवा आयोग-2023 की अंतिम परीक्षा में लखनऊ के आदित्य श्रीवास्तव ने टॉप कर एक कीर्तिमान बना दिया। हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग ले रहे आदित्य ने अपने तीसरे प्रयास में सिविल सेवा की परीक्षा में प्रथम स्थान लेकर सफलता का परचम लहराया है। इस सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और लगन है। हालांकि, आद‍ित्‍य को खुद भी उम्‍मीद नहीं थी क‍ि उनकी पहली रैंक आएगी। वह भगवान से कुछ और ही प्रार्थना कर रहे थे। बुधवार को उन्‍होंने इसका खुलासा क‍िया है।

 



इसे भी पढ़े -  वेदांता ने एक दशक में सरकारी खजाने में करीब 5 लाख करोड़ का दिया योगदान, वेदांता ग्रुप देश के खजाने में योगदान देने वाले भारत के टॉप 3 प्राइवेट सेक्टरों में से है एक

आदित्य श्रीवास्तव ने बताया, “मैं और मेरा परिवार बहुत खुश हैं। ये मेरा तीसरा प्रयास था। मेहनत करनी पड़ी, लगातार अपनी खामियों को पहचानना और सुधारना, उसके कारण सफर थोड़ा चुनौतीपूर्ण था। मैं भगवान से प्रार्थना कर रहा था कि मुझे 70 के अंदर रैंक दिलवा दें ताकि में IAS बन पाऊं।

‘पापा, इस बार लग रहा है क‍ि कुछ ज्‍यादा हो गया’
देश की सबसे बड़ी और कठिन परीक्षा में टॉपर बनने के विषय में आदित्य ने सोचा नहीं था, परिणाम आते ही पिता को फोन पर बताया कि ‘पापा इस बार लग रहा है कुछ ज्यादा हो गया है।’ बेटे को आईएएस अधिकारी बनाने का सपना देखने वाले माता-पिता खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं।

इसे भी पढ़े -  ग्रेट प्लेस टू वर्क द्वारा वेदांता को भारत के शीर्ष 100 सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों में स्थान, वेदांता के कार्यबल में 23 प्रतिशत महिलाएं, लगभग 100 ट्रांसजेंडर कर्मचारी और पिछले 5 वर्षों में ESOP के माध्यम से कर्मचारियों के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ की संपत्ति (वेल्थ) का सृजन

40 लाख का पैकेज छोड़ पिता के सपने को किया पूरा
आदित्य के घर मंगलवार को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। अब सभी 22 अप्रैल का इंतजार कर रहे हैं, जब आदित्य हैदराबाद से लखनऊ लौटेंगे। आईआईटी कानपुर से बीटेक और एमटेक करने के बाद आदित्य ने डेढ़ साल तक बेंगलुरु में एक मल्टीनेशनल कंपनी में 40 लाख रुपए के पैकेज पर नौकरी की। साथ ही अपने सपने को पूरा करने के लिए सिविल सेवा की तैयारी करते रहे।

इसे भी पढ़े -  ग्रेट प्लेस टू वर्क द्वारा वेदांता को भारत के शीर्ष 100 सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों में स्थान, वेदांता के कार्यबल में 23 प्रतिशत महिलाएं, लगभग 100 ट्रांसजेंडर कर्मचारी और पिछले 5 वर्षों में ESOP के माध्यम से कर्मचारियों के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ की संपत्ति (वेल्थ) का सृजन
error: Content is protected !!