कृषि और पशु सखियों को दिया जा रहा कृषि उद्यमी का प्रशिक्षण, मिल रहा लाभ

धान का कटोरा छत्तीसगढ़ राज्य में इस समय बिहान से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक ग्राम पंचायतों में महिला स्व सहायता समूहों से चयनित कृषि सखी और पशु सखियों को ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान में कृषि आधारित कृषि उद्यमी प्रशिक्षण, मुर्गी पालन, बकरी पालन, कोसा रेशम कीट पालन, मशरूम उत्पादन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, सब्जी खेती व नर्सरी प्रबंधन आदि का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के अंतिम दिन नेशनल अकैडमी ऑफ रुडसेटी के छत्तीसगढ़ राज्य के नियंत्रक अरुण कुमार सोनी के निर्देशन में प्रतिनियुक्त मूल्यांकन अधिकारियों द्वारा असेसमेंट किया जा रहा है। इस बीच प्रशिक्षण के दरमियान भ्रमण भी कराया जाता है।

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छत्तीसगढ़ राज्य आरसेटी नियंत्रक अरुण सोनी ने बताया कि प्रदेश में 18 आरसेटी संचालित है। जिसे अलग अलग बैंकों के द्वारा सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। मास्टर ट्रेनर द्वारा बिषय आधारित जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में बिलासपुर स्थित एसबीआई आरसेटी कोनी में 35 कृषि सखियों और पशु सखियों को मास्टर ट्रेनर श्रीमती जागृति साहू द्वारा 13 दिवसीय कृषि उद्यमी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र का भ्रमण कराई गई।और अंतिम दिन प्रतिनियुक्त मूल्याकंन अधिकारी अजय भेड़पाल और दीनदयाल यादव द्वारा असेसमेंट किया गया। इसी प्रकार एसबीआई आरसेटी जशपुर में मास्टर ट्रेनर श्रीमती सावित्री पाल ने कृषि सखियों और पशु सखियों को दस दिवसीय डेयरी वर्मी कम्पोस्ट निर्माण प्रशिक्षण दिया गया। उक्त प्रशिक्षण का असेसमेंट ईडीपी संतोष कुमार शुक्ला, डोमिन दीनदयाल यादव, एसबीआई रायगढ़ में आयोजित दस दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर रामाधार देवांगन द्वारा दिया गया।

जिनका असेसमेंट ईडीपी अजय भेड़पाल और डोमिन दीनदयाल यादव द्वारा किया गया। इसी तरह एसबीआई आरसेटी जांजगीर में मास्टर ट्रेनर एस एस ठाकुर ने दस दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण दिया। जिनका असेसमेंट ईडीपी समीर कुंडू व डोमिन श्रीमती जागृति साहू द्वारा किया गया। नियंत्रक अरुण कुमार सोनी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में डायरेक्टर और फैकेल्टी द्वारा ग्रामीण उद्यमिता कौशल विकास को लेकर प्रोजेक्टर के माध्यम से जानकारी दी जाती है। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में प्रतिनियुक्त अधिकारियों द्वारा लिखित, मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा लिया जाता है।

एसबीआई आरसेटी जांजगीर के डायरेक्टर लक्ष्मीनारायण सिंकू ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के 18 से 45 साल उम्र के बीपीएल परिवारों के लोगों को यहाँ पर कृषि क्षेत्र के अलावा कई अलग अलग बिषयों पर मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। सभी प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क और आवासीय है।

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