Chhattisgarhi Kavi Sammelan : वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह में आयोजित हुआ ‘छत्तीसगढ़ी कवि सम्मेलन’, जिले के साथ ही बिलासपुर जिले से पहुंचे 8 कवि, श्रोता हुए मंत्रमुग्ध

जांजगीर-चाम्पा. बहेराडीह स्थित वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल में ‘छत्तीसगढ़ी कवि सम्म्मेलन’ का आयोजन किया गया. देश के पहले किसान स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में जिले के अलावा बिलासपुर जिले के 8 कवियों ने सहभागिता निभाई और छत्तीसगढ़िया अंदाज में कविता पाठ किया, वहीं हास्य व्यंग्य के कवियों ने खूब हंसाया. छत्तीसगढ़ी कवि सम्मेलन में बिलासपुर जिले के कोटा से सोमप्रभा ‘नूर’, रतनपुर से बालमुकुंद श्रीवास, सीपत से शरद यादव और जांजगीर-चाम्पा जिले के अनुभव तिवारी, कौशल दास महंत, अरुण तिवारी, हेमंत शामिल हुए.

 



आपको बता दें, बहेराडीह के किसान स्कूल में पिछले साल भी छत्तीसगढ़ी कवि सम्मेलन आयोजित किया गया था. छत्तीसगढ़ी भाषा को आगे बढ़ाने की मंशा से इस साल भी यह आयोजन किया गया, जहां छत्तीसगढ़ी कवि के साथ ही श्रोताओं में भी काफी उत्साह दिखा. इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू को तृतीय पुण्यतिथि पर नमन किया गया.

बहेराडीह कवि सम्मेलन में सर्वप्रथम खोखरा से आए युवा कवि अनुभव तिवारी ने वरिष्ठ पत्रकार स्व. कुंजबिहारी साहू की स्मृति में श्रद्धांजलि कविता “चल देहे सबला छोडके तै कोन डहर म, सुरता के दीया बारे हंव मैं तोर सहर म” सुनाया, जिससे कुछ देर के लिए वरिष्ठ पत्रकार को याद कर सभी की आँखे नम हो गई. सीपत से आए हास्य कवि शरद यादव ने पत्नी वियोग को छत्तीसगढी के हास्य पुट में सुनाकर सभी को गुदगुदाया. जांजगीर खोखरा से आए युवा कवि अनुभव तिवारी ने “किसान स्कूल ल बढाए बर, बहेराडीह के मान चमकाए बर सुनाकर खूब तालियाँ बटोरी. “जांजगीर के वरिष्ठ कवि अरूण तिवारी ने छत्तीसगढी रचना “टीपीर टीपीर गिरत हे पानी “सुनाकर सभी को भाव विभोर कर दिया. रतनपुर से आए कवि बालमुकुन्द श्रीवास ने छत्तीसगढी हास्य व्यंग में नए शैली मे अपनी बात श्रोताओं तक पहुंचाई. श्रृंगार रस की कवियित्रि सोमप्रभा तिवारी नूर ने मंडप पे बैठी लडकी के मन की बातो को छत्तीसगढी कविता के रूप मे “रूनझून रूनझून पैरी बाजए बिंदीया जइसे चंदा” प्रस्तुत करते हुए गीत सुनाया जिसे सभी ने सराहा. मौहाडीह झरना से आए कवि कौशल दास महन्त ने वरिष्ठ पत्रकार स्व कुंजबिहारी साहू पर आधारित भाव विभोर रचना का पाठ किया. वीर रस के कवि ललित उपाध्याय ने भांचादान कविता से व्यंगात्मक शैली में पढ़कर तालियाँ बटोरी. खरौद-पामगढ से आए स्व. कुंजबिहारी साहू के बालसखा कवि हेमंत यादव ने कुंजबिहारी की याद में अपनी कविता ‘खरौद गांव के दुलरवा बेटा कुंजबिहारी कहाए जी’ रचना का पाठ कर सभी को भाव विभोर कर दिया.

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इस मौके पर समाजसेवी डॉ. सुरेश कुमार देवांगन, जिला ब्यापार उद्योग केंद्र के डीआरपी संतोष कुमार शुक्ला, किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव, जिला पंचायत की सदस्य उमा राजेंद्र राठौर, बलौदा जनपद की उपाध्यक्ष नम्रता राघवेंद्र नामदेव, पीआरपी गायत्री विश्वकर्मा, एफएलसीआरपी पुष्पा साहू, उपसरपंच चन्दा श्रवण कश्यप, रामाधार देवांगन, कृष्ण कुमार कौशिक, राजाराम यादव, अभिषेक पाल, श्रीया अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित थे.

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